कोविड की पुष्टि के लिए एंटीजन या आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी:फेफड़ों में संक्रमण वाले मरीजों का नाम कोविड प्रभावितों की सूची में क्यों नहीं

ग्वालियर6 महीने पहले
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हर दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची प्रशासन द्वारा जारी की जाती है। इसमें उन मरीजों की रिपोर्ट होती है जिनका टेस्ट एंटीजन या आरटी पीसीआर के जरिए पॉजिटिव आता है। लेकिन एक बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की भी है जिनके एंटीजन और आरटी-पीसीआर टेस्ट तो निगेटिव आते हैं लेकिन सीटी स्कैन में उनके फेफड़ों में कोरोना संक्रमण फैला हाेता है।

ऐसे मरीजों को स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची के रिकॉर्ड में नहीं लेता है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए इनके परिजनों को खासी मशक्कत करना पड़ती है और कई बार अस्पताल में डॉक्टर इन्हें भर्ती भी नहीं करते है। ऐसे में मरीज और उनके परिजन सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें कोविड संक्रमित क्यों नहीं माना जा रहा है।

कोविड का इलाज कराया लेकिन कोविड पेशेंट नहीं माना
फालका बाजार निवासी 85 साल के बुजुर्ग श्यामसुंदर गर्ग को शहर के किसी भी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती नहीं किया था क्योंकि उनकी कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई थी लेकिन सीटी स्कैन में फेफड़ों में संक्रमण इतना अधिक फैल चुका था कि वह बिना ऑक्सीजन के सांस नहीं ले पा रहे थे। जब किसी अस्पताल में भर्ती नहीं किया तो उनके परिजनों को ऑक्सीजन सिलेंडर की खुद व्यवस्था करना पड़ी। और घर में ही रखकर टेली कांफ्रेंस के जरिए डॉक्टर से परामर्श लेकर कोविड का इलाज कराना पड़ रहा है। इसी तरह 40 वर्ष के युवा योगेंद्र शर्मा के साथ भी ऐसा ही हुआ। कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन सीटी स्कैन में फेफड़ों में संक्रमण करीब 65% दिखाई दिया। कई अस्पतालों ने इस कारण उनको एडमिट करने से इंकार कर दिया। फिर एक अन्य निजी अस्पताल उनको बड़ी ही मुश्किल से एडमिट करने राजी हो गया।

फेफड़ों में संक्रमण निमोनिया का केस माना जाता है
सीटी स्कैन में जिनके फेफड़ों में संक्रमण निकल रहा है और उनकी एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट एवं आरटी पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो हम उन्हें कोरोना संक्रमण के केस में शामिल नहीं करते हैं क्योंकि रिपोर्ट के हिसाब से उनको कोरोना नहीं है। फेफड़ों में संक्रमण निमोनिया का केस है जो अन्य कारणों से भी होता है। ऐसे मरीजों को नॉन कोविड वार्ड में भर्ती करना चाहिए। -डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, ग्वालियर

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