ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट:आईएसबीटी के निर्माण के लिए करना होगा थोड़ा इंतजार, 35 एकड़ से कम करना है जगह

ग्वालियर2 दिन पहले
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हजीरा थाने के पास बनने वाले अन्तरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को शुरू करने में प्रमुख सचिव मनीष सिंह के मिनट्स का इंतजार है। क्योंकि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पिछले दिनों आईएसबीटी के एरिया को करीब 10 एकड़ कम करने के निर्देश दिए थे।

मिनट्स आते ही ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मौके पर काम की शुरुआत कर देगा। टर्मिनल की जगह कम करने को लेकर बहुत जल्दी ही स्मार्ट सिटी के अधिकारी भोपाल जाकर अपना प्रजेंटेशन पीएस को देंगे। स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ने आईएसबीटी के लिए काम करने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ की कंपनी बंसल एसोसिएट को दी है।

स्मार्ट सिटी की सीईओ जाएंगीं भोपाल

आईएसबीटी की जगह और राशि कम करने को लेकर सीईओ जयती सिंह से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में भोपाल जाकर चर्चा करेंगी। इसके बाद आदेश पर अमल होगा। -किशोर कन्याल, निगमायुक्त

76 करोड़ रुपए में बनना है आईएसबीटी

पहले आईएसबीटी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) पर तैयार किया जाना था। कोई वेंडर नहीं आने के बाद आखिर में स्मार्ट सिटी ने खुद आईएसबीटी बनाने का फैसला लिया। इस पर 76 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।

अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की शेष जमीन होगी वापस

आईएसबीटी के लिए 35 एकड़ जमीन तय हुई है। इसमें करीब 20 एकड़ एरिया में इमारत आदि बनाई जाएगी। शेष एरिया में बस स्टैंड के अंदर सड़कें डाली जाना थी। इनके एरिया में कमी कर जमीन को प्रशासन को वापस किया जाएगा।

160 बसें रुक सकेंगी

35 एकड़ भूमि पर बनने वाले आईएसबीटी पर 160 बसों के रुकने की क्षमता होगी। इनमें 40 बसें आ-जा सकेंगी। 120 बसें वहीं पर खड़ी हो सकती है।

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