तीसरी लहर:फिक्र है- महज 8 दिन में ही 332 हो गए संक्रमित; शुक्र है- सिर्फ 5 को भर्ती करना पड़ा, सभी ठीक

ग्वालियर17 दिन पहले
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स्टेशन पर सख्ती-  बाहर से आने वाले हर यात्री का डॉक्टर ले रहे सैंपल। - Dainik Bhaskar
स्टेशन पर सख्ती- बाहर से आने वाले हर यात्री का डॉक्टर ले रहे सैंपल।
  • संक्रमित हुए 18 साल से अधिक उम्र के सभी मरीजों को लग चुके हैं दोनों टीके

कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जिले में 30 दिसंबर से 6 जनवरी तक 332 मरीज मिले हैं। इनमें से 8 मरीज 17 साल से कम उम्र के हैं। अन्य सभी मरीज 18 साल से अधिक उम्र के हैं। एक बच्चा सिर्फ 2 माह का था। उसे कोई लक्षण नहीं थे। लिहाजा परिजन उसे घर ले गए। बच्चे की पीठ में फोड़ा था, जिसका ऑपरेशन कराने के लिए जांच कराई थी। राहत की बात यह है कि 18 साल से अधिक के सभी मरीजों को कोरोना से बचाव के दोनों टीके लग चुके हैं। इन मरीजों में से सिर्फ 5 मरीजों को ही भर्ती होने की जरूरत पड़ी।

वह भी इसलिए क्योंकि उनके यहां होम आइसोलेशन की समुचित व्यवस्था नहीं थी। जिले में जितने मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने तो करीब 90 फीसदी मरीज या तो दूसरे शहरों से आए थे या फिर दूसरे शहराें से आने वालों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। गुरुवार की स्थिति देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि अब कोरोना संक्रमण कम्युनिटी में फैलने लगा है।

सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा का कहना है कि लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। वे मास्क पहनें और सेनिटाइजर का उपयोग करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

मरीज निकला निगेटिव,फोन आया कि आप है पॉजिटिव

जवाहर कॉलोनी में रहने वाले उमेश जिंदल ने अपने नाती के साथ जयारोग्य चिकित्सालय की कोल्ड ओपीडी में सैंपल दिया था। जब जांच रिपोर्ट आई तो वह निगेटिव थी। रिपोर्ट का पता उन्होंने अपने बेटे को अस्पताल भेजकर शाम काे करवा लिया। रिपोर्ट निगेटिव होने का पता चलने के एक घंटे बाद उमेश जिंदल के पास स्मार्ट सिटी से फोन आया कि आपकी रिपोर्ट निगेटिव है। यह सुनकर उमेश जिंदल और उनके परिजन चिंतित हो गए। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को दोबारा अस्पताल भेजा और रिपोर्ट चेक कराई तो वह निगेटिव थी। उनका नाती की रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी थी।

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