• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Young Man Drank Acid At Phoolbagh, Woman Hanged In Old Cantonment And Middle aged Hanged In Janakganj

तीन आत्महत्या:फूलबाग पर युवक ने एसिड पीया, पुरानी छावनी में महिला व जनकगंज में अधेड़ ने फांसी लगाई

ग्वालियर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू की। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

फूलबाग चौराहे पर शराब की दुकान के पास अहाते पर काम करने वाले युवक ने एसिड पीकर खुदकुशी कर ली। उसने एसिड अहाते पर ही पिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, यहां उसकी मौत हो गई। पड़ाव पुलिस ने मर्ग कायम कर उसके शव का पोस्टमार्टम कराया। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पड़ाव थाना प्रभारी विवेक अष्ठाना ने बताया कि उपनगर ग्वालियर स्थित किलागेट निवासी रामसेवक(40) पुत्र भंवर सिंह फूलबाग चौराहा स्थित शराब की दुकान के पास अहाते पर काम करता था। उसने शाम को एसिड पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

उधर, पुरानी छावनी क्षेत्र में महिला रानी ने खुदकुशी की थी। उसकी मौत के बाद परिजनों ने ससुराल वालों को मौत का जिम्मेदार बताया। पुरानी छावनी थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह ने बताया कि महिला के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मामले की जांच के बाद शुक्रवार को पति रणवीर बघेल और अन्य ससुराल वालों पर मामला दर्ज किया है।

भाई से मंदिर के दान के विवाद पर युवक ने फांसी लगाई
जनकगंज थाना क्षेत्र में बक्शी की गोठ मेंं एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक का घर में ही स्थित मंदिर में दान एवं चढ़ोत्री को लेकर भाई से विवाद हुआ था। बताया गया है कि जनकगंज थाना क्षेत्र के बक्शी की गोठ में राकेश मिश्रा(50) ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक तीन भाई हैं और उनके घर में ही मंदिर है। शुक्रवार को दोपहर मृतक राकेश का अपने भाई राजेंद्र से मंदिर में आने वाली चाडोत्री को लेकर विवाद हुआ था।

शहीदों के परिजनों के साथ ठगी के आरोपी को दो मामलों में सात-सात साल की सजा
शहीद के परिजनों से सेना में अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगने के आरोपी विश्ववीर सिंह भदौरिया (निवासी भिंड) को न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में सात-सात साल की सजा दी और 14-14 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। अपर लोक अभियोजक मृत्युंजय गोस्वामी ने बताया कि विश्ववीर सिंह सीमा पर शहीद हुए जवानों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें भरोसा दिलाता कि वह सेना में पदस्थ है और उनके परिजन की अनुकंपा नियुक्ति लगा सकता है।

इसका खुलासा तब हुआ जब रुस्तम गुर्जर ने पुलिस में शिकायती आवेदन दिया। इसमें बताया कि उनका भाई चरण सिंह गुर्जर 2 अप्रैल 2015 को शहीद हो गया था। विश्ववीर सिंह ने उनसे संपर्क कर भरोसा दिलाया कि वह उनके परिजन को अनुकंपा नियुक्ति दिला देगा। इसके एवज में उसने ढाई लाख रुपए लिए। दूसरा मामला ऊषा तोमर का है। उसके पति 24 अक्टूबर 2015 को शहीद हो गए थे। विश्ववीर सिंह ने इनसे भी संपर्क कर नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपए ठगे थे।

खबरें और भी हैं...