पानी छोड़ा:कोटा बैराज से चंबल नहर में छोड़ा 2500 क्यूसेक‎ पानी, 15 से सिंचाई के लिए किसानों को मिलेगा‎

श्योपुर‎एक महीने पहले
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  • नहर से 1 नवंबर को‎ श्योपुर में आ गया था‎ पानी, अब टेल एंड तक‎ पहुंचाने की जद्दोजहद‎

कोटा बैराज डैम से चंबल नहर में‎ 2500 क्यूसेक पानी आ चुका है, यहां ‎रोजाना 500-500 क्यूसेक पानी‎ बढ़ाया जा रहा है। श्योपुर के किसानों‎ को गेहूं, सरसों और चना की सिंचाई‎ के लिए यह पानी 15 नवंबर तक दिया जाएगा। इससे किसानों खेतों की‎ सिंचाई कर सकेंगे।‎ रबी सीजन के तहत श्योपुर में 96‎ हजार हेक्टेयर में गेहूं, 30 हजार‎ हेक्टेयर में चना की बोवनी की‎ जाएगी।जिसकी शुरूआत 15 नवंबर‎ से हो जाएगी। इसके अलावा 30‎ हजार हेक्टेयर रकबे में सरसों की‎ बोवनी की जा चुकी है। जिसमें‎ पहला पानी भी नवंबर में लगेगा।‎‎ इसके साथ ही किसान गेहूं बोने के‎ लिए अब पलेवा करेंगे, जिसे लेकर‎ 15 नवंबर से चंबल मुख्य दाहिनी‎ नहर की 27 माइनर शाखाओं मे पानी‎ छोड़ा जाएगा। इससे किसान बोवनी‎ के लिए खेतों की सिंचाई कर सकेंगे।‎

राजस्थान के कोटा बैराज डैम से‎ करार अनुसार 3900 क्यूसेक पानी‎ प्रति दिन दिया जाना है, लेकिन अभी‎ श्योपुर को 2500 क्यूसेक पानी ही‎ पहली बार में छोड़ा गया है।‎ जल संसाधन विभाग के ईई का कहना‎ है कि डैम से रोजाना 500-500‎ क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।‎ शुरूआत में एक साथ पानी नही‎ छोड़ा जा रहा है, क्योंकि अभी नहर‎ ‎रिपेयर हुई है। फिलहाल मुरैना टेल‎ एंड और भिंड टेल एंड तक पानी‎ भेजना है। जहां 15 नवंबर तक पानी‎ पहुंच जाएगा। इसके बाद 15-15‎ दिन के लिए श्योपुर में पानी छोड़ा‎ जाएगा। यहां 15 नवंबर से 30‎ नवंबर तक पानी सिंचाई के लिए‎ माइनर शाखाओं में दिया जाएगा।‎

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