कोरोना से निपटने के लिए व्यवस्था पूरी:जिले में कुल 6 ऑक्सीजन प्लांट, अस्पताल में 40 बेड बच्चों के लिए रिजर्व, 8 वेंटिलेटर इंस्टॉल

श्योपुर4 दिन पहले

श्योपुर जिले में कोरोना की तीसरी लहर बढ़ रही है। इस लहर में जिले में अब तक 55 से अधिक संक्रमित सामने आ चुके हैं। ऐसे में कोरोना महामारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। प्रशासन कोविड की जांच में तेजी लाने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों के उपचार को लेकर गंभीरता दिखा रहा है।

जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के तीन प्लांट

श्योपुर जिला चिकित्सालय में तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। तीनों प्लांट से 1650 एलएमपी ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी के चलते श्योपुर में कई लोगों

लेकिन तीसरी लहर में अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अस्पताल में लगे 3 ऑक्सीजन प्लांट चालू है। कोविड से निपटने की बात करें तो जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन ने कर ली है।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने लिए ये इंतजाम

तीसरी लहर से निपटने के लिए 6 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं, जिसमें से तीन प्लांट श्योपुर जिला अस्पताल में लगे हैं। तीनों प्लाट से प्रतिदिन 1650 एलएमपी ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौदा और विजयपुर में 200 एलएमपी क्षमता और कराहल में 100 एलएमपी क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगे हुए हैं।

सभी 6 ऑक्सीजन प्लांट से 2150 एलएमपी ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

जिला अस्पताल में डाली ऑक्सीजन लाइन

सभी 6 प्लांट से ऑक्सीजन अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। जिसके लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन के 170 पाइंट बनाए गए है। जिला अस्पताल में अब तक मरीजों की सुविधा के लिए 8 वेंटिलेटर हैं। इनमें सभी 8 वेंटिलेटर इंस्टॉल होने के बाद चालू हैं।

इसके अलावा 40 बेड बच्चों के लिए बनाए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. आरबी गोयल का कहना है कि तीसरी लहर की संभावित स्थिति देखते हुए तैयारियां पूरी है। जिला अस्पताल में 3 ऑक्सीजन प्लांट चालू हैं।

कोरोना पॉजिटिव रोगियों को रखने के लिए कोविड वार्ड बनाया गया है। इस समय पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसन्ट्रेटर और बेड उपलब्ध हैं।

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