श्योपुर में खाद की किल्लत:लंबे इंतजार के बाद आया यूरिया फिर भी अन्नदाता के हाथ खाली, 66 हजार हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल को जरूरत

श्योपुर8 दिन पहले
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श्योपुर में यूरिया खाद का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मांग के मुताबिक किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण किसानों को कड़ाके की ठंड में भी लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

20 दिनों के इंतजार के बाद जिले में खाद तो आ गया, लेकिन किसानों की मांग अनुरूप इसकी पूर्ति हो सकेगी यह उम्मीद नहीं है। उधर जिम्मेदार अफसर जिले में जल्द ही खाद समस्या दूर होने का दावा कर अपना पीछा छुड़ा रहे है।

मांग से कई गुना कम आई खाद

श्योपुर जिला विपणन संघ के खाद वितरण केंद्र पर मंगलवार अल सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। किसानों ने बताया कि रबी फसलों की बोवनी कर चुकी है। अब फसलों में पहला और दूसरा पानी देने के पहले यूरिया खाद छिड़कने की सख्त जरूरत है।

पिछले 20 दिनों से जिले में यूरिया खाद का स्टॉक खत्म होने से हम परेशान है। सोसाइटी तक भी खाद नहीं पहुंचा है। किसानों के लिए इकलौते खाद वितरण केंद्र पर खाद की कुछ गाड़ियां आई तो हैं, लेकिन वह भी ऊंट के मुंह मे जीरा साबित हो रही हैं।

66 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बोवनी

जिले में इस बार रबी सीजन में 66 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बोवनी की गई है। जिसके चलते यहां खाद की मांग लगातार बढ़ रही है। अब तक विपणन संघ करीब 9 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा खाद बांट चुका है, लेकिन डिमांड पूरी नहीं हो सकी है।

किसानों की समस्या का होगा समाधान

विपणन संघ के डीएमओ अभिषेक जैन का कहना है कि 20 दिनों से जिले में खाद का स्टॉक नहीं था। अब शिवपुरी में खाद की रैक लगी है। आज भी कुछ गाड़ियां श्योपुर पहुंची है और एक दो दिन में 530 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों की समस्या कम होगी।