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शराब ठेकेदार का ‘अपना’ कानून:​​​​​​​श्योपुर में अवैध शराब की सूचना पर गांव वालों से मारपीट और फायरिंग की, प्रेग्नेंट महिला और बुजुर्ग घायल; पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी

श्योपुर22 दिन पहले
घायल प्रेग्नेंट महिला को अस्पताल ले जाते ग्रामीण।

श्योपुर में शराब ठेकेदार का अपना ही कानून है। गांव में अवैध शराब बेचने की सूचना पर ठेकेदार खुद लाव-लश्कर के साथ पहुंच गया। गांव वालों से मारपीट और गाली-गलौच की। महिलाओं को भी पीटा। विरोध करने पर फायरिंग भी की। इसमें एक गर्भवती और बुजुर्ग घायल हो गए, लेकिन पुलिस ने 4 अज्ञात लोगों पर सिर्फ मारपीट का केस दर्ज किया। FIR में शराब ठेकेदार और फायरिंग का जिक्र ही नहीं किया। आरोप है कि अवैध शराब की सूचना पर आबकारी टीम भी गांव पहुंची और गांव वालों से अभद्रता की।

जिले के प्रह्लादपुरा गांव में अवैध रूप से शराब बेचने को लेकर रघुनाथपुर का शराब ठेकेदार और उसके लोग मंगलवार दोपहर पहुंच गए। वे ग्रामीणों पर अवैध शराब बेचने के आरोप लगाते हुए लोगों के घरों में घुस गए। इन लोगों ने महिला-पुरुषों को पहले लाठी-डंडों से पीटा। इस दौरान गर्भवती महिला धापू बाई और ग्रामीण बाबू बंजारा गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि शराब ठेकेदार के लोगों ने 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग की। कारतूस के खाली खोखे अभी भी गांव वालों के पास हैं।

उधर, घटना के कुछ देर बाद ही आबकारी टीम गांव में पहुंची। ग्रामीणों ने आबकारी उपनिरीक्षक संगीता नायक से शराब ठेकेदार व उसके लोगों द्वारा की गई मारपीट और फायरिंग की शिकायत की। साथ ही गांव में चली गोलियों के खाली खोखे भी दिखाए। इसके बाद ग्रामीण रघुनाथपुर थाने में पहुंचे लेकिन पुलिस ने बाबू बंजारा की शिकायत पर सिर्फ 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट की FIR दर्ज की। वहीं आबकारी टीम को भी गांव में अवैध शराब नहीं मिली।

शराब ठेकेदार की फायरिंग के बाद खाली कारतूस दिखाते ग्रामीण।
शराब ठेकेदार की फायरिंग के बाद खाली कारतूस दिखाते ग्रामीण।

आबकारी टीम ने घायल महिला को अस्पताल भी नहीं पहुंचाया
गांव वालों की शिकायत के बाद आबकारी उप निरीक्षक संगीता नायक तीन बोलेरो गाड़ियों से पहुंचीं। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद वे बिना कुछ किए ही वापस लौट गईं। ग्रामीण घायल महिला को गोद में उठाए खड़े रहे लेकिन टीम ने उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी उचित नहीं समझा। ऐसे में ग्रामीण महिला को बाइक से ही वीरपुर अस्पताल लेकर पहुंचे।

आबकारी टीम ने भी की ग्रामीणों से अभद्रता
ग्रामीणों ने आबकारी टीम के पहुंचने पर वीडियो बनाया जो कि अब वायरल हो गया है। इस वीडियो में आबकारी टीम के हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल ग्रामीणों से बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। साथ ही उन्हें गालियां भी दे रहे हैं। पुलिस इसे भी मानने से इनकार कर रही है। रघुनाथपुर थाना प्रभारी का तो यहां तक कहना है कि आबकारी टीम गांव में गई ही नहीं। इस वीडियो में ग्रामीण फायरिंग का सबूत देते हुए खाली कारतूस भी दिखा रहे हैं।

शराब ठेकेदार व उसके लोगों को बचाने में जुटी पुलिस
ग्रामीणों ने रघुनाथपुर थाना पहुंचकर शराब ठेकेदार और उसके लोगों पर FIR कराने की मांग की। इसमें उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि गांव में शराब ठेकेदार व उसके लोगों द्वारा फायरिंग की गई और उनके घर में घुसकर महिलाओं को पीटा। बावजूद इसके रघुनाथपुर थाना प्रभारी रीना राजावत शराब ठेकेदार व उनके लोगों को बचाने में जुटी हैं। ग्रामीणों की रिपोर्ट ना सुनते हुए यह साधारण मारपीट का मामला दर्ज कर केस को रफा-दफा करने के प्रयास शुरू कर दिए। जब भास्कर ने इस संबंध में चर्चा की तो थाना प्रभारी रीना राजावत ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें ऐसा कुछ बताया ही नहीं कि फायरिंग भी हुई है।

ग्रामीणाें ने फायरिंग की शिकायत नहीं की
कुछ ग्रामीणों काे मामूली चोट आई है, इसलिए हमने चार अज्ञात लोगों पर मारपीट की धाराओं में FIR की है। ग्रामीणों ने न तो हमें खाली खोखे दिखाए हैं न फायरिंग की शिकायत की है। शराब ठेकेदार का भी कोई जिक्र नहीं किया है।

रीना राजावत, थाना प्रभारी, रघुनाथपुर

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