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आक्रोश:किसानों की 13वीं महापंचायत, पहली बार कांग्रेस ने बनाई आंदोलन से दूरी

श्योपुर2 महीने पहले
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  • संभाग में सबसे ज्यादा आंदोलन का असर कृषि मंत्री के संसदीय क्षेत्र में

दिल्ली में किसानों के खिलाफ हुई एफआईआर के विरोध में शनिवार को श्योपुर में किसान संगठनों ने बैठक के बाद रैली निकालकर कोतवाली का घेराव किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। इस पूरे आंदोलन में कांग्रेस नेता नजर नहीं आए क्योंकि किसान संगठनों ने पहले ही एलान कर दिया था कि इसमें राजनीतिक संगठन दूर ही रहें।

यह किसानों का केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र श्योपुर में 13 वां आंदोलन था। इससे पहले के सभी 12 आंदोलन में किसान संगठनों के साथ कांग्रेसी नजर आए लेकिन इस बार किसान संगठनों की सख्त टिप्पणी के बाद कांग्रेसी दूर ही रहे।

मालूम हो कि कृषि कानूनों पर संभाग के मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया से ज्यादा आंदोलन का असर श्योपुर में हो रहा है। यहां हर आंदोलन किसानों के द्वारा बड़ी भागीदारी में किया जा रहा है। जबकि अन्य जिलों में इसका असर काफी कम है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि किसान संगठनों के नेताओं ने यहां किसानों को कृषि कानून लागू होने पर क्या नुकसान है यह बताए जा रहे है।

शनिवार को शहर के श्री हजारेश्वर पार्क में दिल्ली में किसानों पर हुई एफआईआर के विरोध में जिले के किसान संगठनों ने बैठक की। इस बैठक में किसानों ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। बैठक के बाद रैली निकालकर किसान गांधी पार्क पहुंचे। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ ही किसानों ने कोतवाली का घेराव किया।

जिसमें सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नायब तहसीलदार रजनी बघेल को राष्ट्रपति के नाम कृषि कानूनों के विरोध से लेकर किसानों पर हुई एफआईआर को वापस करने की मांग के साथ एक ज्ञापन सौंपा गया। किसानों का यह प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला।

इस पूरे प्रदर्शन में इस बार कांग्रेस नेता नजर नहीं आए जो कि अब तक हो चुके किसानों के सभी 12 आंदोलनों में शामिल रहे थे। इस बार किसान संगठनों ने सोशल साइट व अन्य तरीकों से राजनीतिक दलों के नेताओं से दूर रहने का आह्वान कर दिया था।

कृषि मंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी विरोध

किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि आंदोलन सिर्फ पंजाब-हरियाणा का नहीं है बल्कि पूरे देश का है। यह आंदोलन तो यहां भी हो रहा है जो कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का संसदीय क्षेत्र है। पहले केंद्र सरकार श्योपुर के किसानों को ही कानून के अच्छे फायदे बता दें।

लेकिन इसमें सरकार हमेशा विफल रही है और एक भी फायदा नही बता सकी है। यहां काले कानून को वापस लेने तक किसान आंदोलित रहेंगे। किसानों ने कहा कि एमएसपी पर सरकार दिल्ली में आंदोलित किसानों से चर्चा ही नहीं कर रही है, केवल कानून को लागू करने की बात की जा रही है जो कि गलत है।

सरकार कर रही किसानों का बदनाम: जाट

किसान संगठन की ओर से अनिल सिंह जाट ने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को भाजपा सरकार बदनाम कर रही है और इसे सिर्फ दो ही राज्यों का आंदोलन बताकर देश को भ्रमित करने का काम कर रही है। जबकि यह सभी जानते है कि इस आंदोलन के सभी किसान साथ है और कृषि कानूनों के विरोध में लगातार प्रदर्शन भी देशभर में हो रहे है। यहां कोई एक कौम किसान नही है बल्कि सभी कौमे किसान है जो कि इस बिल के विरोध में है।

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