पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

खरीदी:चना-सरसाें आधी मात्रा में ही बेचने के मिल रहे मैसेज किसानाें काे भाड़े पर ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर दाेबारा आना हाेगा

श्योपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • किसान ने 100 क्विंटल का पंजीयन कराया लेकिन 40 क्विंटल बेचने के लिए ही आ रहा मैसेज

गेहूं के बाद अब चना-सरसों की खरीदी में भी किसानों को परेशानी आने लगी है। जिन किसानों के नाम पर सौ क्विंटल का पंजीयन है, उन्हें भी महज 30-40 क्विंटल तक उपज बेचने के लिए मैसेज अा रहे हैं। किसानाें के शिकायत दर्ज कराने के बाद कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को भाजपा किसान नेताओं अाैर विधायक सीताराम अादिवासी के साथ बैठक की। लेकिन इस बैठक में भी खरीदी के मैसेज में भेजी जा रही चना खरीदी की मात्रा को बढ़ाने को लेकर कोई नतीजा नहीं निकला। हालांकि प्रशासन ने कहा कि वह इसे लेकर शासन को प्रस्ताव भेजेंगे। 
गेहूं की तरह ही अब चना-सरसों के खरीदी केंद्रों पर भी किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। यहां शनिवार को मंडी में करीब 3 सैकड़ा से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली चना-सरसों लेकर खड़े रहे। किसानों का कहना है कि वह बीते 6 दिनों से यहां खरीदी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनका नंबर अब तक नहीं आ सका है। जबकि उनके मैसेज की तारीखें ही अब निकलने लगी हैं। यहां चना बेचने के लिए 4821 किसानों ने तो सरसों बेचने के लिए 4221 किसानों ने पंजीयन कराए हैं। जिन्हें अधिकतम 40 क्विंटल चना-सरसों बेचने के ही मैसेज मिल रहे हैं। इनमें वह किसान भी हैं, जिन्होंने 100 क्विंटल तक चना बेचने के लिए पंजीयन कराए हैं, पर उन्हें मैसेज सिर्फ 40 क्विंटल का मिला है। 

उपज बेचने के लिए छह से आठ दिन इंतजार, भुगतना पड़ेगा भाड़ा 
किसानाें काे खरीद केंद्र पर सरसाें-चना की उपज बेचने के लिए कम से कम 6 से 8 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें ज्यादातर किसान उपज बेचने के लिए भाड़े का ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर आए थे। इन्हें रोजाना 500 से हजार रुपए तक किराया चुकाना पड़ रहा है। इससे किसानों को यहां भारी नुकसान हो रहा है। यहां अब तक 11 केंद्रों पर चना 2241 किसानों से 4108 मीट्रिक टन खरीदा जा चुका है। इसी तरह 481 किसानों से 862 मीट्रिक टन सरसों की खरीदी हो सकी है। अभी भी चने के पंजीकृत 2580 किसान तो सरसों 3741 किसान कतार में बने हुए हैं।

अब कांग्रेस हमलावर... कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले - किसान हितैषी मामा नहीं खरीदना चाहते उपज

गेहूं के बाद चना-सरसों की खरीदी में आ रही परेशानी को लेकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अतुल चौहान ने शनिवार को मंडी खरीद केंद्रों पर पहुंचे। दो घंटे तक मंडी में किसानों की समस्याएं सुनी। किसानों ने चौहान को बताया कि वह 6 दिनों से केंद्र पर खरीदी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन नंबर नहीं आया। उन्हें मैसेज भी आधी फसल बेचने के मिल रहे। इस पर उन्होंने कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा और खरीदी में तेजी लाने के साथ मैसेज की संख्या बढ़ाने के साथ पूरी फसल खरीदी की मांग की। चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की उपज खरीदना ही नहीं चाहती। इसलिए किसानों को परेशान किया जा रहा है। इसलिए धीमी रफ्तार व कम मैसेज संख्या की जा रही है ताकि, जल्द ही खरीदी का समय खत्म हो और खरीदी न करनी पड़े। लेकिन कांग्रेस किसानों की इस लड़ाई को लड़ेगी और किसानों की पूरी फसल समर्थन मूल्य पर बिकवाएगी। वही पीसीसी सचिव रामलखन हिरनीखेड़ा ने भी किसानों के साथ कलेक्टर को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।

बिना मैसेज के एक साथ बेच दिया चना, अब डाटा अपलोड नहीं हो रहा

जिन किसानाें ने पंजीयन की कुल मात्रा की अाधी उपज बेचने के मैसेज पर पूरी उपज बेच दी अब उन्हें भुगतान की समस्या अा रही है। क्याेंकि उन किसानाें की उपज अाॅनलाइन दर्ज नहीं हो रही है। हालांकि अफसरों का कहना है कि दूसरा मैसेज आने पर ऑनलाइन दर्ज हो जाएगी। 

24 के बाद नही मिलेंगे किसानों को गेहूं खरीदी के मैसेज: 

गेहूं खरीदी केंद्रों पर अब तक 25297 किसानों में से 20 हजार 787 किसानों से खरीदी की जा चुकी है। उक्त किसान यहां केंद्रों पर 2.11 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेच चुके है। यहां अब 24 मई से किसी भी किसान को मैसेज नही मिलेंगे। इसके साथ ही 30 मई को खरीदी बंद कर दी जाएगी। जिसमें अब सिर्फ 7 दिन शेष बचे है। ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिरी सात दिनों में बचे हुए करीब 5 हजार किसानों से 79 केंद्रों पर कैसे खरीदी हो पाएगा। एक दिन में सिर्फ 50 किसानाें से खरीदी हाे पा रही है। 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- अध्यात्म और धर्म-कर्म के प्रति रुचि आपके व्यवहार को और अधिक पॉजिटिव बनाएगी। आपको मीडिया या मार्केटिंग संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, इसलिए किसी भी फोन कॉल को आज नजरअंदाज ना करें। ...

और पढ़ें