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जिला सत्र न्यायालय का फैसला:सरकारी जमीन को अपना बता किया अनुबंध, 3-3 साल की सजा, डेढ़-डेढ़ लाख का अर्थदंड

श्योपुर22 दिन पहले
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  • दो आरोपी दोषी करार

सरकारी जमीन को अपना बताकर अनुबंध कर रकम लेने और ली गई रकम को वापस न करने के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया। जिन्हें 3-3 साल की जेल की सजा सुनाई। मामले में 1.50-1.50 लाख का जुर्माना भी किया। शासन पक्ष की ओर से पैरवी लोक अभियोजक एमडी सोनी ने की।

जिला लोक अभियोजक आरके बरैया ने बताया कि 21 अप्रैल 2014 को कुलदीप चौहान निवासी पर्तवाड़ा (कराहल) व दिनेश जादौन निवासी बदरेठा ने सरकारी जमीन को अपना बताकर अमरजीत सिंह से उसे बेचने का अनुबंध कर लिया और उससे 2.25 लाख रुपए एडवांस के तौर पर ले लिए। अनुबंध करने व रकम देने के बाद अमरजीत को पता चला कि उक्त भूमि सरकारी हैं। इस पर अमरजीत सिंह ने दोनों से रुपए वापस देने की मांग की, जिस पर उसे पिस्टल से गोली मारने की धमकी दी गई और रकम नही दी। इसकी शिकायत अमरजीत सिंह ने बरगवां थाने में दर्ज कराई। जहां से जांच उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई में दिनेश जादौन व कुलदीप चौहान को न्यायालय ने दोषी माना। जिस पर उन्हें 3-3 साल की जेल की सजा व डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का अर्थदंड किया गया।

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