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  • Evaluation On The Basis Of 10th Year Of Half Yearly Examination, More Than 6 Thousand Students Will Not Have To Appear For Examination

सीबीएसई की तर्ज पर 10वीं का मूल्यांकन:10वीं का अर्द्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन, 6 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नहीं देनी होगी परीक्षा

श्योपुर6 महीने पहले
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  • माशिमं ने आंतरिक मूल्यांकन से वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए सीबीएसई की तर्ज पर 10वीं के छात्रों का वार्षिक परीक्षा परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर करने का निर्णय लिया है। इससे जिले के 6 हजार 542 हाई स्कूल छात्रों को वार्षिक परीक्षा नहीं देना होगी। इसमें 5 हजार 27 विद्यार्थी नियमित और 1515 विद्यार्थी प्राइवेट वाले शामिल हैं। हाई स्कूल की वार्षिक परीक्षा 30 अप्रैल से शुरू होनी थी, लेकिन कोरोना काल के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बैठक में 10वीं की परीक्षा आयोजित न करने का निर्णय लिया है। 12वीं की परीक्षा को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं की परीक्षा को कैंसिल कर छात्र के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक परीक्षा परिणाम बनाने के आदेश जारी कर दिए है।

12वीं की परीक्षा को लेकर निर्णय नहीं
बता दें कि 1 मई से हायर सेकंडरी की वार्षिक परीक्षा शुरू होनी थी। पूर्व में मंडल ने इन्हें स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया था। सोमवार को हुई मंडल अधिकारियों की बैठक में 10वीं को लेकर तो निर्णय ले लिया गया, लेकिन 12वीं की परीक्षा को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया।

स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले ही जनरल प्रमोशन देने से इंकार कर दिया था। ऐसे में अब 12वीं की परीक्षा जून में आयोजित होने की संभावना है। परीक्षा ऑन लाइन होगी या ऑफ लाइन इसको लेकर भी निर्णय किया जाएगा।

10वीं-12वीं की ऑनलाइन कक्षाएं लगेंगी
कोरोना की दूसरी लहर के चलते माशिमं ने फिलहाल 10वीं और 12वीं को छोड़कर अन्य कक्षाओं की ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी कोरोना के चलते स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगी थी। अक्टूबर नवंबर में कोरोना कम होते ही बच्चों को उनकी समस्या के समाधान के लिए स्कूल बुलाया गया था।

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