कोरोना का असर:लॉकडाउन के कारण सबकुछ बंद ताे सड़क हादसे थमे, कोरोना ने ली एक माह में 16 जानें

श्योपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
श्योपुर शहर में मुख्य चौराहे पर गश्त करती पुलिस, फिर भी लॉकडाउन में घर से निकल कर लापरवाही बरत रहे लोग। - Dainik Bhaskar
श्योपुर शहर में मुख्य चौराहे पर गश्त करती पुलिस, फिर भी लॉकडाउन में घर से निकल कर लापरवाही बरत रहे लोग।
  • अप्रैल में शादी के सीजन में बढ़ जाते हैं सड़क हादसे, इस बार लॉकडाउन के कारण घटे

कोरोना संक्रमण रोकने लगाए गए कर्फ्यू का असर संक्रमित घटाने में भले न हाे पाया हाे लेकिन अपराध और सड़क हादसाें में जरूर कमी आ गई है। हर साल सड़क हादसों में 15-20 लोगों की मौतें होती है। इस बार परिवहन कुछ हद तक बंद होने से ऐसा नहीं हुआ। यहां बीते साल भी लॉकडाउन के चलते सड़क हादसे कम हुए थे। लेकिन इसके बदले में कोरोना संक्रमण ने जरुर इस माह में 16 जानें ले ली है। 2020 के बाद अप्रैल में एक बार फिर से कोरोना कर्फ्यू लागू किया है ताकि संक्रमण को रोका जा सके। यहां संक्रमण रोकने में अब तक यह कर्फ्यू नाकाम ही साबित हुआ है।

क्योंकि जब बाजार खुले थे तब भी मरीजों की संख्या उतनी ही थी, जितनी अब है और कर्फ्यू के बाद भी हालात वैसे ही है। इसमें कोरोना और तेजी से बढ़ गया है। यहां कर्फ्यू का सबसे ज्यादा फायदा पुलिस को मिला है।

क्योंकि सड़क हादसे न सिर्फ बीते साल की तरह घट गए हैं बल्कि, हर साल होने वाली सड़क हादसों में 15-20 मौतें सिमटकर 5 पर आ गई हैं। यहां पुलिस को सिर्फ सड़क हादसों में ही राहत नहीं मिली है बल्कि, चोरी, दुष्कर्म, लूट, अपहरण और अन्य वारदातें न के बराबर रह गई है।

कर्फ्यू से क्राइम रेट तो कम हो गया, पर कोरोना संक्रमण नही। यहां अब तक अप्रैल में 16 जानें कोरोना से ले ली है और यह तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। जिसमें रोजाना आधा सैंकड़ा से ज्यादा मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं।

गिरावट दर्ज: अपहरण औक हत्या के मामलों में भी आई कमी
कोरोना कर्फ्यू में सड़कों पर वाहन कम चलने से सड़क हादसों में ही नही बल्कि, चोरी, अपहरण व हत्या जैसे संगीन अपराधों में भी गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल में विजयपुर, वीरपुर, अगरा समेत उन थाना क्षेत्रों में अपराध बढ़ जाते हैं, जिनमें घनघोर जंगल भी आते है।

क्योंकि इसी समय में यह बदमाश सक्रिय होकर अपहरण, लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देते है और फरार हो जाते है। चूंकि वर्तमान में कोरोना कर्फ्यू के कारण लोग घरों में ही हैं। इसलिए इन अपराधों के ग्राफ में भी कमी आई है। अब तक यहां बड़े अपराध एक भी घटित नहीं हुए है। इसके साथ ही हत्या के मामले भी सामने नहीं आए है।

कोरोना कर्फ्यू का असर: छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसे मामलों पर लगी रोक
अप्रैल माह में लोगों की व्यस्तता ज्यादा रहती है और शादी-विवाह में मशगूल हो जाते है। इसी समय में सबसे ज्यादा छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले भी सामने आते है। लेकिन कोरोना कर्फ्यू का ही असर है कि इस बार भी ऐसे मामले नही हुए।

यहां बीते दो सालों से इन महीनों में क्राइम रेट काफी तेजी से ऊपर जाने के बजाए नीचे गिरा है। इससे पुलिस को भी राहत है कि उन्हें इस समय में बदमाशों व चोरों को तलाशना नही पड़ रहा है।

खबरें और भी हैं...