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मनमानी:लॉकडाउन अवधि का बसाें का पूरा टैक्स माफ, फिर भी बस मालिकों ने किराया 30 से 50 रुपए बढ़ा दिया

श्योपुर4 दिन पहले
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  • टैक्स माफी के बाद भी बस मालिक वसूल रहे मनमाना किराया, प्रशासन काे गरीब जनता की चिंता नहीं

अनलॉक-4 होने के साथ ही सभी रुटों पर बसों का संचालन शुरु हो गया है। जिले के अलग-अलग रूटों पर बसों के दौड़ने के साथ ही बस मालिकों ने मनमानी शुरू कर दी है। ग्वालियर के किराए में प्रति सवारी 50 रुपए और शिवपुरी के किराए में 30 रुपए बढ़ा दिए हैं।

इसी तरह अन्य रूटों पर चलने वाली बसों के किराए में भी बीस से तीस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इतना ही नहीं बसाें में सवारी कम हाेने के बाद भी न ताे साेशल डिस्टेंसिंग काे लेकर बस वाले गंभीर हैं और न ही बगैर मास्क वालाें पर सख्ती। जबकि बसें शुरू होने से पहले परिवहन अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा।
यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार ने बसों का लॉकडाउन की अवधि का पूरा टैक्स माफ कर दिया है। सरकार ने बस संचालन कुछ शर्ताें के साथ शुरू करने की अनुमति दी थी लेकिन इनमें से किसी भी शर्त का पालन होते नहीं दिख रहा है। सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और बगैर मास्क के ही सवारियां बैठी हैं। सीटों को सेनेटाइज भी नहीं कराया जा रहा है।
बसें चलाने के लिए सरकार की शर्तें... हर सवारी मास्क लगाएगी, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हाेगा, हर चक्कर के बाद बस सेनेटाइज होगी, हकीकत: इनमें से एक भी शर्त का पालन नहीं

कम सवारी के बाद बसों का संचालन किया कम, किराया भी बढ़ा दिया जिले में दूसरे जिलों के अलावा बड़ौदा, अगरा, मानपुर, ढोढर, विजयपुर, वीरपुर, रघुनाथपुर, बरगवां, कराहल के लिए भी बसों का संचालन होता है लेकिन यहां सवारी की कमी के चलते बसों का संचालन किया तो जा रहा है लेकिन पहले की तुलना में कम। पूर्व में जहां दिनभर में 5 बसों की आवाजाही एक रूट पर थी, वही अब यह घटकर 2-3 बसों की कर दी गई है।

बसों का संचालन कम होने के चलते लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है और यहां इनमें भी किराया 10 रुपए से लेकर 20 रुपए तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में लोग लोडिंग वाहनों में बिना सोशल डिस्टेंस के सफर कर रहे हैं। इससे उनकी जान को खतरा भी बना रहता है। गांवों में छोटे वाहनों में ठसाठस भर कर जा रहे लोग, जान का भी खतरा गांवों में लोकल रूटों पर सवारी लाने के लिए अब सिर्फ बस ही नहीं, बल्कि टाटा मैजिक व लोडिंग पिकअप वाहन भी चल रहे हैं। इनमें कोविड के नियमों की धज्जियां जमकर उड़ाई जा रही है। साथ ही आरटीओ के नियमों का भी पालन नही किया जा रहा है। पिकअप वाहनों में लोकल गांवों में आने-जाने वाले लोगों को ठूंस-ठूंसकर भरकर लाया ले जाया जा रहा है।

इनमें एक साथ 10 की क्षमता की बजाए 25-30 सवारियां बैठाई जा रही है और इनसे भी अधिक किराया वसूला जा रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कई सवारियां इन वाहनों में लटककर सफर करती हैं लेकिन न कोई चेकिंग होती है न कोई कार्रवाई। ऐसे में इन सवारियों की जान कभी भी आफत में आ सकती है।

पहले 200 रुपए लेते थे अब 250 रुपए ले रहे मैं ग्वालियर जा रहा है, मार्केटिंग का काम होने के चलते अक्सर सफर करता हूं। लॉकडाउन खुलने के बाद बस का किराया बढ़ गया है। पहले ग्वालियर के 200 रुपए लगते थे, अब 250 रुपए लिए जा रहे है। टिकट भी नहीं देते। रामप्रताप सिंह, यात्री 20 रु. ज्यादा ले रहे, कहो तो ले जाने से मना करते हैं ^मुझे सवाई-माधौपुर जाना है, पहले बस का किराया 60 रुपए था, अब 80 रुपए वसूला जा रहा है। बहस करने का भी कोई फायदा नहीं है, क्योंकि यह लोग ले जाने से ही मना कर देते हैं। इसलिए 20 रुपए ज्यादा देने पड़ रहे हैं। अब्दुल सलाम, यात्री बिना कोई आदेश किराया बढ़ाना गलत, जांच कराएंगे ^बिना आदेश के बस संचालक किराया नहीं बढ़ा सकते है। अगर ऐसा है तो गलत है। अपनी टीमों से बसों में जांच कराएंगे। बस संचालकों से पहले ही कह दिया गया था कि किसी भी तरह से किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। एबी कैबरे, आरटीओ, परिवहन विभाग

जिले से ग्वालियर, कोटा, मुरैना जाना हुआ महंगा रूट पहले किराया किराया बढ़ोतरी श्योपुर से ग्वालियर 200 250 50 श्योपुर से शिवपुरी 100 130 30 श्योपुर से मुरैना 210 270 60 श्योपुर से सवाई माधोपुर 60 80 20 श्योपुर से कोटा 120 160 40 श्योपुर से जयपुर 250 300 50

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