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  • Indecency With All The Engineers Who Went To Get The Possession Of The 12 Bigha Land Of The Housing Board, When The Tehsildar Reached, The Women Said – We Were Told By The Collector

कार्रवाई की:हाउसिंग बोर्ड की 12 बीघा जमीन से कब्जा हटवाने गए सब इंजीनियर से अभद्रता, तहसीलदार पहुंचे तो महिलाएं बोलीं- हमें कलेक्टर ने कहा था

श्योपुरएक महीने पहले
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वज्र वाहन में बैठाकर महिलाओं को कोतवाली ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
वज्र वाहन में बैठाकर महिलाओं को कोतवाली ले जाती पुलिस।
  • शहर की बायपास रोड पर पॉलिटेक्निक के सामने स्थित हाउसिंग बोर्ड की 12 बीघा जमीन पर कब्जा कर झुग्गी बना रही थीं महिलाएं

शहर की बायपास रोड पर पॉलिटेक्निक के सामने खाली पड़ी हाउसिंग बोर्ड की 12 बीघा से ज्यादा जमीन पर लोगों ने शुक्रवार को छोटी-छोटी झुग्गी-झोपड़ी बनाकर कब्जा करना शुरू कर दिया। इन्हें हटाने के लिए जब तहसीलदार राघवेंद्र कुशवाह माैके पर पहुंचे तो कब्जा करने वाले बोले कि ऐसा करने के लिए उन्हें कलेक्टर ने कहा था। हालांकि बाद में प्रशासन ने पूरी जमीन को खाली करा लिया।

शुक्रवार की सुबह 9 बजे तहसीलदार को सूचना मिली कि बायपास रोड पर पॉलिटेक्निक के सामने हाउसिंग बोर्ड की 12 बीघा जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है और झाड़, रस्सियों व बांस-बल्लियों के सहारे झुग्गी बनाने में जुटे हुए हैं। हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियर भूपेंद्र शर्मा ने जब इन्हें हटाने का प्रयास किया तो महिलाएं उनसे अभद्रता करने लगीं और मारपीट पर उतारू हो गईं। इसके बाद मौके पर तहसीलदार राघवेंद्र कुशवाह और सीएमओ मिनी अग्रवाल पहुंची।

तहसीलदार ने इन लाेगाें काे मौके से हटाया ताे शहर के गांधीनगर निवासी उर्मिला पत्नी हरिमोहन बैरवा, बबली पत्नी गिर्राज, गीता पत्नी गोवर्धन बैरवा, संतोष पत्नी हरिशंकर खटीक, लक्ष्मी पत्नी रघुवीर बैरवा, ऊषा पत्नी रामेश्वर बैरवा, शकुंतला पत्नी गुलाबशंकर बैरवा, कमलेश पत्नी रामचंद्र बैरवा ने हटने को इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे कहां जाए, क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है। पहले भी जब उन्होंने नहर के पास जमीन पर रहने की काेशिश की तो कलेक्टर ने कहा था कि यहां उनके बच्चे नहर में गिर जाएंगे। वहां से खाली करके आ गए। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने कलेक्टर को आवेदन दिया था, तब कलेक्टर ने ही 8-10 दिन बाद कहीं भी जमीन लेने की बात कही थी। इसलिए वे यहां आ गए।

एफआईआर के लिए दिया आवेदन

महिलाएं अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं हुई तो तहसीलदार को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस को मौके पर पहुंचने में ही दो घंटे लग गए। पुलिस पहुंची तो महिलाओं को वज्र वाहन से कोतवाली ले जाया गया। यहां उनके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जमानत पर छोड़ दिया। हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियर ने उक्त महिलाओं के खिलाफ पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।

तहसीलदार से महिलाएं बोलीं- भेज दो जेल

तहसीलदार के मौके पर पहुंचने पर अतिक्रमण कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई और कई लोग मौके से भाग निकले लेकिन 7 महिलाएं झुग्गी पर अड़ी रहीं। जब तहसीलदार ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो वे बोलीं कि कब्जा करना उनकी मजबूरी है क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है। जब तहसीलदार ने कहा कि पुलिस कार्रवाई की जाएगी तो उन्होंने कहा कि फांसी चढ़ा देना, पर वह कब्जा करके रहेंगे। जेल भी जाएंगे तो भी रोटी मिलेगी।

उधर, पाली रोड पर नपा ने हटवाईं अवैध गुमठियां और झोपड़ियां

​​​​​​​शहर की पाली रोड पर नाले व सरकारी जमीनों पर झोपड़ी व गुमठी लगाकर व्यापार कर रहे अतिक्रमणकारियों पर शुक्रवार की सुबह 8 बजे कार्रवाई की गई। इनकी झोपड़ी व गुमठियों को हटाया गया और उनके सामान जब्त भी किए गए। उधर कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद साबिर उर्फ बल्लू कबाड़ी द्वारा पीडब्ल्यूडी रोड पर अतिक्रमण करने के चलते कार्रवाई की गई।

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