9वीं से 12वीं की परीक्षा:80 पूर्णांक का प्रश्न-पत्र, 40 के ऑब्जेक्टिव, प्रोजेक्ट वर्क के 20 नंबर, पैटर्न के अनुसार करवा रहे पढ़ाई

श्योपुर2 महीने पहले
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  • अंकों का विभाजन ब्लू प्रिंट के आधार पर हो रहा तैयार

कोरोना के बाद भले ही स्कूल खुल गए हो लेकिन पढ़ाई प्रभावित होने के कारण इस बार शिक्षा मंडल ने परीक्षा का पैटर्न बदला है। सिलेबस कम करने के कारण 100 के बजाय इस बार 80 नंबरों का ही प्रश्न पत्र होगा। इसके लिए प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग ब्लू प्रिंट भेजा गया है, उसी के आधार पर अंकों का विभाजन होगा। बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुल पूर्णांक के 50 प्रतिशत यानी 40 अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे।

यानी इनका उत्तर देने के लिए बच्चों को लिखने की मशक्कत करने की जरूरत नहीं रहेगी। दिए गए विकल्प में से सही गलत को टीक करने पर ही 40 अंक मिल जाएंगे। शेष बचे नंबरों के लिए ही विद्यार्थियों को उत्तर लिखना पड़ेगा। इस बार प्रोजेक्ट वर्क भी करवाया जाएगा, जिसके अतिरिक्त 20 अंक मिलेंगे। जिले में हाई व हायर सेकंडरी के 104 स्कूल है। जहां परीक्षा के लिए संभावित प्रश्नों और पैटर्न के अनुसार पढ़ाई करवाई जा रही है। जिले में कोर्स पूर्ण होते ही बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं भी लगाई जाएगी, ताकि बच्चों को नए पैटर्न के अनुरुप तैयारी करवाई जा सकें और उन्हें परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशान न हो।

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