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कोरोना का कहर:ग्वालियर से 2 दिन में आ रही रिपोर्ट, सैंपल देकर घूम रहे लोग, इससे तो बढ़ेगा संक्रमण

श्योपुरएक दिन पहले
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बाजार गुलजार, लेकिन न संक्रमण की चिंता न सोशल डिस्टेंसिंग।
  • ट्रूनेट मशीन से अब सिर्फ गंभीर मरीजों की जांच क्योंकि किट कम
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जिले में अब तक 249 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। जुलाई माह में सबसे ज्यादा संक्रमित सामने आए हैं। इस बीच जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से सिर्फ गंभीर मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है। इस कारण किट कम होना है। अब सारे सैंपल एकत्र कर दूसरे दिन ग्वालियर की जीआरएमसी लैब में भेजे जा रहे हैं। वहां से दो से तीन दिन में रिपोर्ट मिल रही है। इस दौरान सैंपल देने वाला व्यक्ति आइसोलेट रहने के बजाय बाहर घूमते रहते हैं और कई लोगों से संपर्क में आ जाते हैं। इससे जिले में संक्रमण बढ़ने की आशंका बन रही है।

जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से जांच करने वाली किट और कन्फर्मेशन किट की संख्या में कमी आ गई है। पिछले दिनों किट खत्म होने के बाद 500 किट का ऑर्डर दिया गया था लेकिन इतनी किट भी नहींं मिल सकी हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने सिर्फ गंभीर संदिग्ध मरीजों की जांच करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर भी दिखाई दे रहा है।

बीते 8 दिनों में जिला अस्पताल में सिर्फ 40 मरीजों की जांच की गई है यानी औसत 5 से 6 संदिग्ध मरीजों की जांच हो रही है। इनमें यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव आता है तो उनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल जांच के लिए ग्वालियर भेजे जा रहे हैं। सैंपल देने वालों को आइसोलेट भी नहींं किया जा रहा है। ऐसे में यदि वह संक्रमित मिलता है तो रिपोर्ट आने तक कई लोगों के संपर्क में आ चुका होता है।

ट्रूनेट मशीन की किट नहींं मिल पा रहीं

ट्रूनेट मशीन से जांच करने की क्षमता एक दिन में 32 सैंपलों की है लेकिन जिस कंपनी से मशीन की सप्लाई हुई है, वहां से किट मिल पाना संभव नहींं हो पा रहा है। जितनी किट हमारे पास हैं उससे हम इमरजेंसी में मरीजों की जांच कर रहे हैं। डॉ. बीएल यादव, सीएमएचओ, श्योपुर

पांच दिन में मिली रिपोर्ट

इसलिए अब डीआरडीई नहींं भेजे जा रहे सैंपल, जीआरएमसी से भी दो से तीन दिन में मिल रही

जिले में अभी तक ज्यादातर सैंपल डीआरडीई भेजे जा रहे थे लेकिन वहां से रिपोर्ट पांच दिनों में मिल रही थी। डीआरडीई से आखिरी बार 103 सैंपल की रिपोर्ट 30 जुलाई को आई थी जिसमें चार मरीज पॉजिटिव मिले। यह सैंपल 25 जुलाई को लिए गए थे। इसके बाद डीआरडीई रिपोर्ट नहींं भेजी गई। अफसरों का तर्क है कि डीआरडीई पर लोड अधिक है। इसलिए वहां से रिपोर्ट देरी से मिल रही है। अब सैंपल जीआरएमसी भेजे जा रहे हैं। वहां से रिपोर्ट दो से तीन दिन में मिल रही

विजयपुर व ढोढर बढ़ी सैंपलिंग, शहर में घटाई है।

विजयपुर और ढोढर क्षेत्र में जुलाई महीने में कोरोना का कहर देखने को मिला। विजयपुर में अब तक 65 से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं। ढोढर जैसे छोटे इलाके में 35 मरीज पॉजिटिव आए हैं। पिछले दिनों ढोढर पहुंचे कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने भी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि जो भी व्यक्ति सैंपल देने के लिए नहींं आए, उसे नोटिस जारी किए जाएं। इसके बाद ढोढर क्षेत्र में सैंपलिंग बढ़ा दी गई लेकिन श्योपुर में सैंपलिंग की रफ्तार को कम कर दिया गया।

संक्रमण ढूंढने में डीआरडीई आगे: ट्रूनेट मशीन की पॉजिटिव रेट जीआरएमसी की पॉजिटिव रेट से दो प्रतिशत तक अधिक है। अब तक डीआरडीई में भेजे गए 2819 सैंपल में 179 पॉजिटिव मरीज मिले चुके हैं। इसकी दर 6.34 प्रतिशत रही है।

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