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हितग्राहियों को जानकारी न होने का दुकानदारों ने उठाया फायदा:पीओएस मशीन में अंगूठे लगवाए, 5 महीने की जगह दिया सिर्फ 2 माह का राशन, बाकी हड़प गए

श्योपुरएक महीने पहले
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कोरोना कर्फ्यू के चलते राज्य सरकार ने गरीबों को तीन माह का एक मुश्त राशन मुफ्त बांटने के लिए आवंटन किया। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी गरीबों को 2 माह का गेहूं नि:शुल्क बांटने के लिए भेजा। लेकिन यह पूरा राशन गरीबों तक पहुंचा नही। क्योंकि जानकारी न होने के अभाव में गरीबों के हिस्से के इस राशन को उचित मूल्य दुकानदार खा गए। जिनकी पोल शिकायतों के बाद खुल रही है।

राज्य सरकार ने तीन माह का एक मुश्त राशन जिसमें गेहूं-चावल मुफ्ट बांटने के लिए आवंटित किया था। इसमें दुकानदारों को अप्रैल, मई व जून को राशन गरीबों को एक साथ देना था। वहीं केंद्र सरकार ने भी गरीबों के लिए 2 महीने का राशन (गेहूं) एक मुश्त देने के लिए आवंटित किया। इस तरह पांच माह का राशन मई-जून के आवंटन के साथ गरीबों को बांटा जाना था। लेकिन गरीबों को यह पता नही था कि दो माह व तीन माह का राशन एक साथ बंटना है। इसका फायदा उचित मूल्य के दुकानदारों ने जमकर उठाया। यहां जब हितग्राही मई व जून माह में राशन लेने पहुंचे तो उन्हें दो-तीन माह का ही राशन आवंटित किया गया और पीएम जनकल्याण निधि का दो महीने का गेहूं खुर्दबुर्द कर दिया।

ऐसे किया दुकानदारों ने राशन का गबन

सहसराम संस्था की फरारा गांव स्थित उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन बल्लभ यादव ने पीओएस मशीन में तो गरीबों के अंगूठे लगवाकर पूरे पांच माह का राशन बांटना बता दिया। लेकिन हितग्राही को सिर्फ दो-तीन महीने का ही राशन दिया। इसी तरह सहसराम की एक ओर दुकान पर भी ऐसा ही मामला सामने आया। इस पर विजयपुर एसडीएम नीरज शर्मा ने दुकानों को बंद कराकर उनका संचालन दूसरी दुकानों से करते हुए संबंधितों को हटा दिया और खाद्य विभाग को मामले में एफआईआर कराने के लिए प्रतिवेदन भेजा।

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