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आयोजन:पालकी यात्रा में 45 गांव से पहुंचे वैष्णवजन गांव की गलियाें में गूंजा जय विट्ठल जय विट्ठल

श्योपुर2 महीने पहले
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  • बाजरली में अंतरराष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद के विट्ठल जयंती महोत्सव का समापन

अंतरराष्ट्रीय पुष्टि मार्गीय वैष्णव परिषद की ओर से ग्राम बाजरली में दाे दिवसीय विट्ठल जयंती महोत्सव का गुरुवार काे धूमधाम से समापन हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पलना उत्सव के बाद प्रभु की मनोरथ झांकी के दर्शनों के लिए वैष्णवजनों का दिनभर जमावड़ा रहा।

खचाखच भरे सत्संग पंडाल में प्रवचन करते हुए श्याम बाबा ने कहा कि सभी जीव मात्र से प्रेम ही महाप्रभु की सच्ची भक्ति है, हरि सुमिरन से आत्म कल्याण और सत्संग से भक्तिभाव बढ़ता है। इससे पूर्व गाजेबाजे के साथ पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें 45से अधिक गांव से वैष्णव संप्रदाय के लाेग सैकडों की संख्या में शामिल हुए।

विट्ठल महाप्रभु के जयकारों के बीच सुरीले भजनाे की तान पर झूमते गाते निकले श्रद्धालु़ओं का जाेश देखते ही बनता था। रथ की तरह सुसज्जित वाहन में भगवान विट्ठल महाप्रभु की तस्वीर के साथ पालकी में सवार श्याम बाबा की जगह जगह श्रद्धालु़ओं ने आरती उतारी, नारियल ,प्रसाद व दक्षिणा देकर स्वागत सत्कार किया। इस दाैरान जय विट्ठल जय विट्ठल के उद्घाेष से वातावरण गूंज उठा। प्रमुख मार्गाें से हाेते हुए पालकी यात्रा कार्यक्रम स्थल पर जाकर सत्संग में बदल गई।

असत्य, छल,कपट व दंभ से व्यक्ति के मन में पैदा हाेते हैं विकार: श्याम बाबा

अंतर राष्ट्रीय पुष्टि मार्गीय वैष्णव परिषद द्वारा ग्राम बाजरली में महाप्रभु विट्ठल जयंती महोत्सव के समापन अवसर गुरुवार काे सैकडों वैष्णवजन ने ब्रह्म संबंध दीक्षा ली। इस अवसर पर कोटा से पधारे शरद बाबा ने प्रवचन में कहा कि व्यक्ति जीवन में जिस मार्ग पर चल रहा हो, जिस क्षेत्र में भी कार्यरत हो वहां पर व्यक्ति यदि सत्य का मार्ग न छोड़े।

असत्य, अनीति, छल कपट, दंभ से व्यक्ति के मन में विकार पैदा हाेते हैं। मानसिक विकार ही मनुष्य जीवन में दुख व पतन का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि सत्य एवं प्रेम से प्रभु की भक्ति मिलती है। व्यक्ति के बंधन और मोक्ष का कारण केवल मन है। हम हरि स्मरण करते हुए आनंदमय जीवन जीएं। प्रेम व भक्ति के मार्ग पर चलने से मन का शुद्धिकरण होता है, संशय दूर होता है। जीवन में सुख,शांति और मुक्ति के लिए सद्गुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं हरि स्मरण करने की जरूरत है।

सैकड़ों श्रद्धालु़ओं ने भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद

विट्ठल जयंती महोत्सव के अंतिम दिन भंडारे में प्रसादी पाने के लिए देर शाम तक श्रद्धालु़ओं की भीड़ उमड़ती रही। आसपास गांवों से सपरिवार पहुंचकर भंडारे में प्रसादी पाई। पुरुष और महिलाओं काे पंगत में बैठाकर भरपेट भाेजन कराया गया। बाजरली गांव के युवाओं ने पराेसने की व्यवस्था संभाली।

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