पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अंशदाई पेंशन कटोत्रा:विस में प्रश्न लगाया तो 40 अध्यापकों के खाते में एनपीएस के 31 लाख आए

करैरा/शिवपुरी18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अध्यापक बोले- 10 साल से खातों में जमा नहीं हो रही थी शिक्षकाें की कटौत्रा की राशि

जिले के करैरा, नरवर व पोहरी विधानसभा के 40 अध्यापकों की अंशदायी पेंशन योजना की कटोत्रा राशि 31 लाख रुपए अब उनके खातों में पहुंच चुकी है। दरअसल साल 2011 से 2016 के बीच की 25 माह से अधिक की एनपीएस की कटौती सर्व शिक्षा अभियान में कार्यरत बीएसी व सीएसी के खातो में पिछले 10 साल से जमा नहीं हुई थी।

इस संबंध में अध्यापक व कर्मचारी संगठन मुख्यमंत्री व न्यायालय से लेकर प्रदेश स्तर तक शिकायत कर चुके थे। लेकिन कोई कार्रवाई न होने से खफा अध्यापकों ने जब क्षेत्रीय विधायक प्रागीलाल जाटव से संपर्क किया तो मार्च माह में क्षेत्रीय विधायक ने विधानसभा में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। इस विधानसभा प्रश्न के बाद ही सभी अध्यापकों के खाते में एनपीएस कटौती की राशि पहुंच गई।

बता दें कि करैरा विधायक प्रागी लाल जाटव ने अध्यापकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मार्च 2021 में विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए प्रश्न पूछा था कि करैरा,नरवर सहित जिले की पोहरी विधानसभा के 40 अध्यापकों के एनपीएस की काटी गई राशि उनके खातों में अभी तक जमा क्यों नहीं हो पा रही है। विधानसभा में विधायक द्वारा उठाए गए इस प्रश्न के बाद ही शासन व प्रशासन हरकत में आया और आखिरकार अध्यापकों खाते में 25 माह से अधिक की अंशदाई पेंशन योजना की काटी गई राशि उनके खातों में पहुंच गई।

मुख्यमंत्री व प्रदेश स्तर से लेकर न्यायालय तक नहीं सुलझी समस्या
करैत व नरवर ब्लॉक के अध्यापकों का कहना है कि साल 2011 से 2016 तक की 25 माह से अधिक की एनपीएस कटौती की राशि उनके खातों में जमा ना होने से परेशान होकर मुख्यमंत्री शिकायत शाखा 181 पर शिकायत की थी वही प्रदेश स्तर पर भी इस संबंध में शिकायत की गई थी। इसके बाद न्यायालय की शरण भी ली गई। लेकिन उनको कोई मदद नहीं मिली तो वह हार कर करैरा विधायक के पास पहुंचे, तब कहीं जाकर इस समस्या का निपटारा हो पाया है।

अध्यापक संगठन बोले- विधायक के प्रयासों से ही हुआ संभव

इस संबंध में प्रदेश अध्यापक संगठन के पदाधिकारी धर्मेंद्र जैन व बृजेंद्र बैस का कहना है कि अध्यापकों के इस कार्य के लिए क्षेत्र के समस्त अध्यापक क्षेत्रीय विधायक प्रागी लाल जाटव तो इसको इसका श्रेय दिया हैं। क्योंकि वह इसके लिए एड़ी चोटी का जोर लगा चुके थे, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। यह सब विधायक के विधानसभा प्रश्न लगाने के कारण ही संभव हो सका है।

हालांकि साल 2019 में बीआरसी डीपीसी व लेखापाल उदय यादव के प्रयासों से 31लाख रुपए की राशि राज्य शिक्षा केंद्र को जमा कर दी गई थी। लेकिन अध्यापकों के खातों में राशि जमा नहीं हो सकी थी। वहीं इस मामले में क्षेत्रीय विधायक प्रागीलाल जाटव को कहना है कि समस्या किसी की भी हो समाधान जरूर होना चाहिए। मैंने मुद्दा विस में मुद्दा उठाया था, शिक्षकों को न्याय मिल गया।

खबरें और भी हैं...