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फर्जीवाड़ा:कैशियर ने 4 बसें खरीदीं, बस मालिक दंपती के खाते में 70 लाख रुपए भेजे, अब खाते होल

शिवपुरी16 दिन पहले
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जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) शाखा कोलारस के कैशियर राकेश पाराशर का आलीशान घर। - Dainik Bhaskar
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) शाखा कोलारस के कैशियर राकेश पाराशर का आलीशान घर।
  • सहकारी बैंक की कोलारस शाखा में करोड़ों के घोटाले की जांच पूरी, पुराने महाप्रबंधक भी फंसेंगे

जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की कोलारस शाखा में करोड़ों के गबन के बाद अब जिले की अन्य 12 शाखाएं भी जांच की जद में आ गईं हैं। भोपाल स्तर से जांच के लिए आदेश भी जारी हो गए हैं। हर शाखा की जांच के लिए अलग-अलग दल बनाए गए हैं। जिले में कुल 13 शाखाएं हैं जिनमें कोलारस की जांच हो चुकी है और जांच रिपोर्ट सबमिट भी कर दी गई है।

हालांकि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई की जद में पुराने महाप्रबंधक भी आ रहे हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि करैरा में चार बसें कैशियर पाराशर द्वारा खरीदी गईं। बताया जा रहा है कि बस मालिक के खाते में 60 लाख रु. व उसकी पत्नी के खाते में 10 लाख रु. एनईएफटी किए हैं। सीधे बैंक से रकम एनईएफटी होने पर जांच दल ने 70 लाख रु. पर होल्ड लगा दिया है। बसें बेचने वाला दंपती अब उलझ गए हैं।

जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) शाखा कोलारस के कैशियर राकेश पाराशर ने कोरोना काल के दौरान जिलेभर के बस ऑपरेटरों से बसें थोक में खरीद लीं। खास बात यह है कि संबंधित बस ऑपरेटरों को भुगतान सीसीबी शाखा से सीधे एनईएफटी (नेशनल इलेक्ट्राॅनिक फंड ट्रांसफर) कर दिया। भोपाल के जांच दल ने ट्रांजेक्शन के आधार पर मामला पकड़ा। अब संबंधित खातों को होल्ड करवा दिया है। कैशियर को अपनी बसें बेचकर ऑपरेटरों की परेशानी बढ़ गई है। कुल मिलाकर कोलारस शाखा के गबन ने शिवपुरी जिले से लेकर भोपाल तक भारी हलचल पैदा कर दी है।

केंद्रीय सहकारी बैंक की 12 और शाखाओं की भी जांच होगी, भोपाल से अलग-अलग जांच दल गठित

साल 2013 से घपला हो रहा, इसलिए पुराने महाप्रबंधक भी जिम्मेदार माने जा रहे

कोलारस शाखा में साल 2013 से कैशियर द्वारा घपला किया जा रहा था। बीते एक साल के भीतर ही 5.31 करोड़ का घपला सामने आया है। लगातार घपला होता रहा और पुराने महाप्रबंधकों ने इस पर गौर तक नहीं किया। इसी वजह से सहकारिता विभाग द्वारा शिवपुरी बैंक के पुराने महाप्रबंधकों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। बता दें कि सीसीबी शिवपुरी में डीके सागर, एएस कुशवाह और बायके सिंह पदस्थ रह चुके हैं। वर्तमान में लता कृष्णन कार्यरत हैं।

ज्वैलर्स से लेकर तमाम लोगों को एनईएफटी किए पैसे

कैशियर ने अपने व परिवार के सदस्यों के शौक के लिए हर तरह का सामान खरीदा। ज्वेलरी भी खरीदकर ज्वेलर्स के खाते में भुगतान किया है। संबंधित लोगों को सीसीबी शाखा कोलारस से रकम एनईएफटी हुई है, यह भी पुलिस जांच की दज में रहेंगे। कैशियर ने कई लोगों की मुसीबतें बढ़ा दीं हैं।

परिवार सहित गायब, इंदौर में होने का अनुमान

कोलारस थाने में कैशियर राकेश पराशर व दो ब्रांच मैनेजरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। एफआईआर के बाद कैशियर परिवार सहित गायब है। पुलिस भी दबिश देने गई थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस अभी तक कैशियर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बताया जा रहा है कि कैशियर अपने परिवार सहित इंदौर पहुंच गया है। कोलारस में बुजुर्ग मां को छोड़ा है।

जिले की अन्य 12 शाखाओं की जांच के लिए दल गठित हुए हैं

जिले की अन्य 12 शाखाओं की जांच के लिए दल गठित हुए हैं। हालांकि यह जांच लोन के डिफरेंस को लेकर हो रही है। कोलारस शाखा की जांच हो चुकी है। जांच के बाद पता चलेगा कि शाखाओं में क्या अंतर आया है। पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। -लताकृष्णन, महाप्रबंधक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी​​​​​​​





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