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फिटनेस ट्रेनिंग:डाइट चार्ट में बदलाव और 2 घंटे की कसरत बढ़ाई तो जवानों का घटा 31 किलो तक वजन

शिवपुरी8 दिन पहले
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  • चायना बॉर्डर पर चीनी सैनिकों से करना पड़ता है मुकाबला, इसलिए आईटीबीपी जवान और अधिकारियों का फिट रहना अनिवार्य

चायना बॉर्डर पर तैनाती के दौरान पहाड़ पर चढ़कर विरोधी सैनिकों से मुकाबला करने आगे बढ़ना पड़ता है। ऐसे में वही सैनिक आगे मोर्चा संभाल पाता है जिसकी फिटनेस बरकरार है। इसलिए आईटीबीपी जवानों की फिटनेस बरकरार रखने पहले डीआईजी राजीव लोचन शुक्ल ने 42 किलोमीटर का मार्च पास्ट 5.30 घंटे में पूरा कर खुद का 10 किलो वजन घटाया। अब अपने अधीनस्थ कमांडेंट और जवानों को फिट रहने वह टिप्स दे रहे है।ताकि बीपी, शुगर जैसी बीमारियों से दूर रहकर बॉर्डर पर लड़ने सैनिक हरदम तैयार रहें।

खास बात यह है कि सैनिकों की डाइट कम नहीं की गई लेकिन उनका डाइट प्लान बदला गया जो रात में गरिष्ठ भोजन दिया जाता था वह दोपहर में दिया जाने लगा। 2 घंटे की फिटनेस सुबह-शाम एक-एक घंटे कराया गया नतीजा यह निकला कि आईटीबीपी के सभी जवान फिट हो गए। कुछ तो ऐसे अधिकारी थे जिनका वजन 31 किलो तक घटा। कुल मिलाकर आईटीबीपी के तकरीबन 600 जवान और अधिकारी इस फिटनेस से अब ना केवल बीमारी से बचेंगे वरन बॉर्डर पर जाकर पहाड़ी पर भी चढ़ सकेंगे ताकि चाइनीज सैनिकों से सीधा मुकाबला कर सके।

सुबह और शाम सैनिकों को 1-1 घंटे कराई कड़ी कसरत

डीआईजी राजीव लोचन शुक्ल ने बताया कि आईटीबीपी के डीजी विजय देशवाल ने 2 साल पहले एक सर्कुलर जारी कर सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि यदि वह ओवरवेट हो गए हैं तो पहली वह खुद को फिट करें और फिर अपने कमांडेंट और अन्य अधिकारियों जवानों को फिटनेस के गुर सिखाए। इसके बाद डीआईजी स्तर के अन्य अधिकारियों की फिटनेस ट्रेनिंग हुई जिसमें डीआईजी राजीव लोचन शुक्ल ने खुद का वजन 6 किलो तक घटाया। वह 78 किलोग्राम थे जो अब घटकर 72 किलोग्राम रह गए।इसके लिए उन्हें 42 किलोमीटर का मार्च भी करना पड़ा।

ट्रेनिंग हासिल करने के बाद डीआईजी राजीव लोचन शुक्ला वापस आईटीबीपी शिवपुरी आए तो उन्होंने सबसे पहले अपने 600 अधिकारियों और जवानों का डाइट चार्ट बदला। जिसमें रात में होने वाला हैवी फूड देना बंद कर उसे दिन के खाने में देना शामिल किया। जबकि शाम के खाने में लाइट फूड दिया। इससे डाइट भी कंट्रोल रही और अनावश्यक वजन भी नहीं बढ़ा।इसके साथ साथ सुबह और शाम की शिफ्ट में 1- 1 घंटे सैनिकों को कड़ा अभ्यास कराया। जिसमें दौड़, एक्सरसाइज,मार्च पास्ट जैसी गतिविधियां शामिल थी। इन सबके चलते नतीजा यह निकला कि आईटीबीपी के अधिकारी और जवान फिट हो गए हैं।

पहले डीआईजी ने 42 किलोमीटर का मार्च 6 घंटे में पूरा कर 6 किलो वजन घटाया अब अपने अधीनस्थ कमांडेंट और जवानों को फिट रहने दे रहे टिप्स, ताकि बीपी, शुगर जैसी बीमारियों से दूर रहकर बॉर्डर पर लड़ने हरदम रहे तैयार

शिवपुरी से पोहरी और मडीखेड़ा तक कराया मार्च
सैनिकों को फिट बनाने के लिए शिवपुरी से पोहरी तक आना जाना तकरीबन 60 किलोमीटर और शिवपुरी से मडीखेड़ा तक आना- जाना लगभग 64 किलोमीटर के लगातार मार्च पास्ट जवानों के साथ डीआईजी ने खुद किया जिसके चलते सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले।

आईटीबीपी अफसरों ने 31 किलो तक वजन घटाया
डिप्टी कमांडेंट प्रकाश भूषण झा की माने तो आईटीबीपी के हवलदार योगेश मिश्रा का वजन फिटनेस ट्रेनिंग से पहले 112 केजी था जो उन्होंने कठिन अभ्यास के बाद अब 82 किलो कर लिया है यानी उन्होंने पूरा 30 किलो वजन घटा लिया। वह ना केवल खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे वरन अब वह हर एक्टिविटी के लिए तैयार हैं। इसी तरह इंस्पेक्टर सुखविंदर का वजन 105 किलो हो गया था और उन्होंने ट्रेनिंग के बाद अब 74 किलो वजन पर आ गए हैं यानी उन्होंने अपना वजन पूरा 31 किलो कम कर लिया। अब उन्हें चाइना बॉर्डर के साथ कहीं भी मोर्चे पर तैनात किया जा सकता है।

6 सौ जवान पूरी तरह फिट
^आइटीबीपी जवानों का जो फिटनेस स्टेटस है वह 20 मिनट में 5 किलोमीटर दौड़ का है। ऐसे में सभी को फिट रहना अनिवार्य है। हमारे डीजे विजय देशवाल साहब ने खुद फिट रहकर हमको फिट रहने का संदेश दिया। इसके बाद हमने अपने अधीनस्थों को फिट रहना सिखाया। हमने डाइट कम नहीं की, डाइट प्लान बदला । प्रतिदिन सुबह और शाम 1- 1 घंटे का अभ्यास कराया। मार्च पास्ट भी कराया। नतीजा हमारे 600 के करीब अधिकारी और जवान आज पूरी तरह से फिट हैं।
राजीव लोचन शुक्ल, डीआईजी आईटीबीपी शिवपुरी।

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