नर्सिंग होम्स की हकीकत:डिग्री कॉलेज-आईटीआई की बिल्डिंग को बताया नर्सिंग होम

शिवपुरी6 महीने पहले
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केशव नर्सिंग ऑफ कॉलेज के अंदर कोई नर्सिंग होम संचालित नहीं है, सिर्फ बेड बिछाकर रखे गए हैं। - Dainik Bhaskar
केशव नर्सिंग ऑफ कॉलेज के अंदर कोई नर्सिंग होम संचालित नहीं है, सिर्फ बेड बिछाकर रखे गए हैं।
  • कागजों में नर्सिंग होम्स, सांसें तोड़ रहे मरीज- 70% नर्सिंग कॉलेज गांवों के पते पर रजिस्टर्ड, उसी बिल्डिंग में के 100 से 200 बेड वाले अस्पताल चलने का दावा

कोरोना संक्रमण से ग्रसित हजारों लोग सरकारी अस्पतालों में बेड न मिलने की वजह से इलाज के लिए बेहाल हें तो दर्जनों लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में संचालित 50 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों ने अपने यहां 100 से 200 बेड तक के अस्पताल कागजों में दिखाकर फर्जी मान्यता हासिल कर ली।

अगर यह अस्पताल आज वास्तव में धरातल पर होते तो शायद ही किसी मरीज को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए भटकना पड़ता। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही कागजों में दर्ज नर्सिंग होम्स की जमीनी हकीकत जांची तो चौकाने वाला खुलासा हुआ।

किसी कॉलेज संचालक ने डिग्री व आईटीआई कॉलेज की बिल्डिंग में ही नर्सिंग होम्स संचालित बता दिया, जबकि हकीकत में वहां डॉक्टर-मरीज तो छोड़िए पलंग तक नहीं मिले। हद तो तब हो गई जब कई नर्सिंग होम्स के सिर्फ बाेर्ड टंगे मिले और कुछ नर्सिंग होम्स जहां संचालित होना बताए गए, वहां बिल्डिंग तक नहीं थी।

शिवपुरी: कॉलेज के ही क्लास रूम में बिछे थे 30 से 40 बेड, न मरीज न स्टूडेंट्स नजर आए
शिवपुरी के केशव महाविद्यालय कॉलेज ऑफ नर्सिंग की बिल्डिंग शहर की कठमई बस्ती के सामने नए फोरलेन बायपास किनारे है। लेकिन वर्तमान में नर्सिंग होम जैसी सुविधा नहीं है। स्टाफ भी मौजूद नहीं था। हालांकि क्लास रूम में 30 से 40 पलंग जरूर बिछाकर रखे हुए हैं।

सवाल यह है कि न इलाज के लिए स्टाफ है न डॉक्टर और न सीखने वाले स्टूडेंट्स फिर इन पलंगों को बिछाने की औपचारिकता भी क्यों। कॉलेज संचालक सुषमा पांडेय का कहना था कि पति के लंग्स में 45 प्रतिशत संकमण आया है। इसलिए उनके इलाज में व्यस्त हूं। वैसे हमारे यहां 30 से 40 बेड का नर्सिंग होम्स है।

दतिया: ग्रामीण बोले-गजब हो गया, हमेंे आज तक नहीं दिखा नर्सिंग होम
आरबीएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग चरोखरा रतनगढ़ वाली रोड पर संचालित किया जा रहा है। इस कॉलेज का नर्सिंग होम्स सीएमएचओ ऑफिस में रजिस्टर्ड नहीं है। कॉलेज संचालक विपिन सिंह ने दावा किया हमारा नर्सिंग होम्स जय मां देवी के नाम से है लेकिन कहां संचालित है वे खुद नहीं बता सके।

पड़ताल करने पर अस्पताल का पता भगुवापुरा में रजिस्टर्ड मिला। गांव में न नर्सिंग होम्स था न उसकी कोई निशानी। गांव के लोगों ने बताया कि अगर कोई नर्सिंग होम्स होता तो हमें पता नहीं होता। हमने तो आज तक नर्सिंग होम्स गांव में देखा तक नहीं।
कॉलेज के नाम रिचर्स सेंटर रजिस्टर्ड, संचालक बोले-मैं अभी बाहर हूं
जय मां पीताम्बरा कॉलेज ऑफ नर्सिंग दतिया में संचालित है। कॉलेज से अनुबंधित आरएनकेपी मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर कागजों में रजिस्टर्ड है लेकिन सीएमएचओ ऑफिस में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।

कॉलेज के संचालक सदस्य सिलेंद्र सिंह सिकरवार से जब नर्सिंग होम का पता पूछा तो बोले-अभी मैं बाहर हूं लौटकर नर्सिंग होम्स दिखा दूंगा। जब भास्कर ने पड़ताल की तो पता चला कि इस नाम का कोई अस्पताल पूरे दतिया जिले में संचालित नहीं है।
भिंड: ग्रामीण बाेले-हमें नहीं पता था कि यहां अस्पताल भी है
शहर के हेवतपुरा रोड पर संचालित मां गायत्री देवी अभिनव शिक्षा प्रसार समिति का नर्सिंग कॉलेज है। कॉलेज सं संबंद्ध मां गायत्री धर्माथ हॉस्पिटल है, जिसमें 200 पलंग होने का दावा है।

कॉलेज की बड़ी बिल्डिंग तो थी लेकिन उसमें हलचल नहीं थी। ग्रामीण बोले-हमें तो पता ही नहीं कि यहां अस्पताल भी है। हालांकि इस संबंध में जब महाविद्यालय के संचालक के मोबाइल नंबर 9165662940 और 9826508284 पर संपर्क किया गया तो कोई जवाब नहीं मिला।
काॅलेज के अंदर ही हाॅस्पीटल का बाेर्ड लगा, मरीज-डॉक्टर दिखे ही नहीं
हाईवे पर गोहद चौराहा के पास संचालित अपैक्स नर्सिंग कॉलेज संचालित है। इस कॉलेज के अंदर ग्लोबल हास्पीटल का बोर्ड लगा है। जबकि मरीज और डॉक्टर नजर नहीं आए।

वहीं भिंड पंजीकृत नर्सिंग होम की सूची में ग्लोबल हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर 160 पलंग का, ग्लोबस हास्पीटल 180 पलंग और गोहद चौराहा पर जीडी अस्पताल 122 पलंग का संचालित होना बताया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में जब कॉलेज के संचालक से संपर्क करना चाहा गया तो उनका मोबाइल नंबर 7470368999 बंद आ रहा था।

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