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भ्रष्टाचारियों पर मेहरबानी:दो सौ से ज्यादा बार फूट चुकी जीआरपी पाइपलाइन, घपलेबाजाें पर कार्रवाई तो छोड़िए जांच तक नहीं

शिवपुरी18 दिन पहले
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  • शिवपुरी की सिंध जलावर्धन योजना में घटिया काम करने वाली दोशियान कंपनी को बचाने में जुटे अफसर
  • सीएम ने जिस जलावर्धन योजना की जांच के निर्देश तीन माह पहले दिए, उसकी जांच तक शुरू नहीं हुई

शिवपुरी शहर की सिंध जलावर्धन योजना में दोशियान कंपनी द्वारा डाले गए जीआरपी पाइप साढ़े तीन साल में दो साै से अधिक बार फूट चुके हैं। पाइप में जरा सा पानी का प्रेशर पड़ते ही फूट जाते हैं। पाइपलाइन के घटिया हाेने की शिकायत जब सीएम शिवराज सिंह चाैहान के पास पहुंची ताे इसी साल मार्च में अफसराें की बैठक लेकर इसकी जांच के आदेश दिए, लेकिन आदेश के 90 दिन बाद भी जांच तो शुरू नहीं हुई लेकिन नगरीय प्रशासन विभाग ने दोशियान कंपनी, अफसर और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही को छिपाने के लिए घटिया पाइपों के बदले 4.80 करोड़ रु. से नए पाइप डालने के टेंडर लगा दिए। पिछले दिनों नगर पालिका परिषद भी घटिया पाइप बिछाने वाली दोशियान कंपनी को साल 2019 में ही ब्लैक लिस्टेड घोषित कर केस दर्ज कराने का प्रस्ताव पास कर चुकी है लेकिन आज तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इसके लिए आगे नहीं आया।

बता दें कि साल 2019 में 5.2 किमी जीआरपी पाइप लाइन बदलने के लिए 13.46 करोड़ का टेंडर तब निकाला था, जब यह बार-बार फूट रही थी। लेकिन उस समय भी जीआरपी पाइप लाइन की जांच नहीं कराई। डूब क्षेत्र से सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट और खूबत घाटी तक एमएस पाइप बिछने के बाद यहां एक भी बार लाइन नहीं फूटी है। अब शहर के हिस्से में बार-बार पाइपलाइन फूटने पर 4.80 करोड़ से लाइन बदलने का टेंडर किया गया है। जबकि सीएम के निर्देश पर जो जांच होने थी, वह अब तक शुरू ही नहीं हो पाई।

सीएम ने पूछा था-निर्माण में क्या कमियां हैं और इसके लिए कौन उत्तरदायी है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 9 मार्च 2021 को उच्च स्तरीय बैठक में कहा था कि सिंध जलावर्धन योजना पूर्ण होने के बाद भी जल प्रदाय सुव्यवस्थित संचालित क्यों नहीं हो पा रही है। निर्माण में क्या कमियां हैं और इसके लिए कौन उत्तरदायी है, आदि बिन्दुओं पर जांच के आदेश दिए थे। लेकिन आज तक जांच ही नहीं हो पाई है। सीएम ने शिवपुरी शहर में सिंध का पानी प्रतिदिन देने के लिए तत्काल कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे लेकिन तीन से चार दिन में लोगों को मुश्किल से सिंध का पानी मिल पा रहा है।

कोविड की वजह से दूसरे काम पर ध्यान नहीं दे पाए
^इंदौर से जांच करने के लिए टीम आने वाली थी, लेकिन कोविड की वजह से हालत ऐसे बिगड़े कि दूसरे काम पर ध्यान ही नहीं गया। इस मामले में फिर से जानकारी ले रहा हूं। जल्द ही जांच कराकर आगे की कार्रवाई कराएंगे।
अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर शिवपुरी
जांच करने जल्द ही इंदौर से विशेषज्ञ बुला रहे हैं

^शिवपुरी शहरी क्षेत्र में जीआरपी लाइन बार-बार फूटने से टंकियां नहीं भर पा रहीं हैं। इसलिए लाइन बदलवाने के लिए टैंडर लगाए हैं। एक-दो दिन में टैंकर खुल जाएंगे। जीआरपी पाइप लाइन की जांच करने जल्द ही इंदौर से विशेषज्ञ को बुलवा रहे हैं।
रमेश त्यागी, कार्यपालन यंत्री, नगरीय एवं आवाास विकास, संभाग ग्वालियर

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