पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

राजनीति:हरिवल्लभ 1980 में कांग्रेस से ही पहली बार चुनाव जीते थे, 40 साल बाद फिर कांग्रेस का उन्हीं पर दांव

शिवपुरीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पोहरी से हरिवल्लभ कांग्रेस प्रत्याशी, समानता दल से भी रह चुके हैं विधायक लेकिन बसपा से चुनाव लड़कर हार चुके हैं

कांग्रेस ने पाेहरी विधानसभा सीट से हरिवल्लभ शुक्ला काे उम्मीदवार घाेषित किया है। शुक्ला पहली बार 1980 में कांग्रेस के टिकट पर ही चुनाव जीते थे। 40 साल बाद फिर कांग्रेस ने उन पर दाव खेला है लेकिन कांग्रेस नेता रहे जनपद अध्यक्ष पारम रावत पोहरी से निर्दलीय चुनाव में कूद गए हैं। ऐसे में हरिवल्लभ के लिए इन रूठों को मनाना बड़ी चुनौती होगी अन्यथा यह रूठे उनका खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ला के अनुसार, पार्टी ने अनुभव को तरजीह दी है इसलिए हरिवल्लभ पर भरोसा किया है। हालांकि टिकट के दावेदारों में प्रद्युम्न वर्मा का नाम भी चर्चा में था लेकिन भाजपा के सुरेश राठखेड़ा भी धाकड़ समाज से हैं, ऐसे में कांग्रेस ने उसी समाज के व्यक्ति को प्रत्याशी नहीं बनाया। उधर, कांग्रेस नेता जनपद अध्यक्ष पारम रावत पिछले कुछ समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। वे खुद के लिए टिकट मांग रहे थे और शर्त भी रखी थी कि यदि टिट नहीं दिया तो निर्दलीय मैदान में उतरेंगे, और हुआ भी यही।

पारम ने निर्दलीय ताल ठोकने की घोषणा कर दी है। वे लंबे समय से पोहरी में जनसंपर्क भी कर रहे हैं। वहीं बसपा से कैलाश कुशवाह को पार्टी पहले ही टिकट दे चुकी है। ऐसे में हरिवल्लभ के लिए अपनी ही पार्टी के रूठों को मनाना बड़ी चुनौती होगी। कांग्रेस, भाजपा, समानता दल और बसपा से 6 चुनाव लड़ चुके हैं हरिवल्लभ: हरिवल्लभ शुक्ला ने पहली बार 1980 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर भाजपा के कद्दावर नेता जगदीश वर्मा को हराया था।

इसके बाद पोहरी से हरिवल्लभ शुक्ला को टिकिट नहीं मिला। 1998 में वे शिवपुरी से विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन भाजपा की यशोधरा राजे से हार गए थे। 2003 में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने समानता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते भी। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की वैजयंती वर्मा को 7 हजार वोटों से हराया था। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए और 2004 के गुना-शिवपुरी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़े और 80 हजार वोट से हार गए।

2008 में पोहरी से हरिवल्लभ शुक्ला को फिर पार्टी से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने बीएसपी का दामन थामा और चुनाव में उतरे लेकिन उन्हें हार मिली। 2013 में वे फिर कांग्रेस से चुनाव लड़े लेकिन भाजपा के प्रह्लाद भारती से हार गए। 2018 में कांग्रेस ने उन्हें पोहरी से टिकट नहीं दिया। अब 2020 में फिर से कांग्रेस ने उन पर फिर विश्वास जताया है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- पिछले कुछ समय से आप अपनी आंतरिक ऊर्जा को पहचानने के लिए जो प्रयास कर रहे हैं, उसकी वजह से आपके व्यक्तित्व व स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। दूसरों के दुख-दर्द व तकलीफ में उनकी सहायता के ...

और पढ़ें