खाद के टोकन वितरण में भेदभाव पर भड़के किसान:हाईवे पर लगाया जाम, ढाई घंटे तक चला हंगामा, वाहनों की लगीं लाइनें

शिवपुरी3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

जिले के बदरवास में खाद की रैक आने के बाद बुधवार को प्रशासन ने किसानों को खाद वितरण के लिए बुलवाया था। खाद वितरण के लिए टोकन वितरण में किए जा रहे भेदभाव के चलते किसानों ने हंगामा कर हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने करीब ढाई घंटे तक हाईवे जाम रखा, जिससे हाईवे पर दोनों तरफ हजारों वाहनों की लाइन लग गई। कड़ी मशक्कत के बाद किसानों को समझाकर खाद के टोकन वितरण का काम अलग-अलग लाइन लगवाकर शुरू किया गया। वहीं पूरे मामले में स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही स्पष्ट रूप से नजर आई।

पहले स्कूल पर लाइन फिर तहसील पर

खाद वितरण के लिए जो व्यवस्था की गई थी उसके तहत किसान को पहले स्कूल पर बुलवाकर लाइन लगवा ली गई। वहीं खाद के ट्रक खड़े हुए थे। प्रशासन ने जब किसानों की भीड़ देखी तो अधिकारियों को लगा कि खाद वितरण में हंगामा हो सकता है। इसलिए टोकन वितरण के लिए बदरवास तहसील को चिन्हित कर किसानों को वहां बुलवा लिया गया, ताकि तहसील और स्कूल में जो तीन किमी का अंतर है उसके कारण हंगामा नहीं हो पाएगा। किसान इस बात पर भी तैयार हो गए लेकिन तहसील पर जब टोकन वितरण में लाइन में लगे किसानों को दरकिनार कर बैकडोर से टोकन वितरण किया गया तो किसान भड़क गए और उन्होंने जाम लगा दिया।

दस्तावेज लेकर शुरू कराया गया टोकन वितरण

चक्काजाम के बाद जब अधिकारियों ने सभी किसानों के दस्तावेज जमा करवाकर टोकन व खाद का वितरण शुरू करवाया। मामले में जब एसडीएम कोलरस बीबी श्रीवास्तव एवं बदरवास तहसीलदार प्रडीप भार्गव को फोन लगाया तो उन्होंने कॉल अटेंड नहीं किया।

इनका कहना है

एसडीओपी अमरनाथ वर्मा ने कहा कि किसानों को आज खाद वितरण के लिए बुलवाया था। लेकिन जिम्मेदार व्यवस्था नहीं कर पाए इसलिए हालात बिगड़ गए और किसान हाईवे पर आ गए थे।

ये बोले किसान

किसान लालाराम यादव ने कहा कि खाद के लिए किसान परेशान है, हम घंटों से लाइन में लगे हैं लेकिन अधिकारी अपने खास लोगों को दूसरे रास्ते से टोकन दे रहे हैं।

किसान फोसू परिहार ने कहा कि अधिकारियों ने पहले स्कूल पर लाइन लगवाई, फिर वहां से तहसील पर ले आए। यहां भी भेदभाव कर रहे हैं, हम असल किसान लाइन में परेशान हो रहे हैं। दूसरों को खाद दिया जा रहा है।