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सुविधा बेहतर सुविधा देने वाले बैंक कर्मियों का सम्मान भी:अब अशक्त पेंशनर्स के घर पर होगा पेंशन का भुगतान; पेंशनर्स ने बैंक अधिकारियों से रखी मांग

शिवपुरी11 दिन पहले
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अब अशक्त पेंशनर्स के घर बैंक कर्मी जाकर पेंशन भुगतान की फार्मेलिटी पूरी करेंगे, ताकि उनको खाते से पेंशन निकालने में परेशानी का सामना न करना पड़े। यही नहीं बैंक अब पेंशनर्स के लिए अलग से काउंटर की भी शुरुआत कर रही है, ताकि बैंक से लेन देन की प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दरअसल पेंशनर एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक सक्सेना, वरिष्ठ पदाधिकारी शंभुसिंह जाट, डॉ ओपीएस रघुवंशी, रणवीर सिंह यादव के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय सचिव संजय वर्मा से मिले और इन सबने मिलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा गुरुद्वारा के मुख्य प्रबंधक गौरव यादव से भेंट कर उनके समक्ष पेंशनर्स और अन्य सीनियर सिटीजन को राशि आहरण करने में आ रही कठिनाइयों पर चर्चा कर अपनी बात रखी। जिसमें तीन बिंदुओं के प्रस्ताव पर बैंक अधिकारियों ने पैंशनर्स के साथ मिलकर सेवा कार्य करने की बात कही। इस अवसर पर मुख्य प्रबंधक गौरव यादव, केशियर प्रशांत अग्रवाल, फील्ड ऑफिसर श्वेता गोयल का बेहतर सेवाओं के लिए पेंशनर्स ने पुष्प गुच्छ और शॉल ओढ़ाकर किया।

इन प्रस्तावों पर बनी पेंशनर्स और बैंक के बीच सहमति

गंभीर बीमार, असाध्य पेंशनर्स को उनके निवास स्थान पर ही भुगतान करने की प्रक्रिया बंैक क्यों शुरू नहीं करती। जवाब में मैनेजर यादव बोले कि ऐसे पेंशनर्स के परिजन में से किसी एक परिजन को 1 दिन पूर्व बैंक आकर आवेदन देने पर यह व्यवस्था दी जाएगी। जिसमें बैंकर्स पेंशनर्स के घर पहुंचकर सेल्फी से बैंक में अधिकारी की बात कराएगा और फिर पेंशनर्स को 40 हजार तक का भुगतान परिजन को बैंक से हो जाएगा। पेंशनर्स को लोन सुविधा दी जाए। जवाब में बैंक अधिकारी ने कहा कि 76 वर्ष से कम आयु का कोई भी पेंशनर अपना आवेदन देकर उसे मिल रही पेंशन की 18 गुना राशि लोन के रूप में प्राप्त कर सकता है। जिसे उसे 72 माह में पटाना होगा। इस सुविधा से पेंशनर अचानक गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की स्थिति में एकमुश्त एक बड़ी राशि को अपने लिए आड़े वक्त पर काम आने सुरक्षित रख सकेंगे।

पेंशनर्स और सीनियर सिटीजंस को अधिक भीड़ के कारण पैसा आहरण करने में कठिनाई आती है। जिसके लिए सीनियर सिटीजन के लिए पृथक से एक काउंटर बनाने का सुझाव रखा जिस पर मुख्य प्रबंधक द्वारा सहमति जताते हुए संभागीय प्रबंधक के साथ मीटिंग कर व्यवस्था करने की बात कही।

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