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पुलिसकर्मियों की उच्च पद में रुचि नहीं:प्रमोशन नहीं आया रास, जिला छोड़ने की शर्त पर 250 हवलदारों का दरोगा बनने से इनकार

शिवपुरीएक महीने पहलेलेखक: रजनीश दुबे
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  • वेतन-भत्तों का लाभ न मिलने और सर्विस बुक में नए पदनाम का उल्लेख न होने से पुलिसकर्मियों की उच्च पद में रुचि नहीं
  • एडीजीपी ने कहा- उच्च पद का प्रभार लेने की जबरदस्ती नहीं, जो नहीं आएंगे, उनके जूनियर को देंगे प्रभार

पदोन्नति में आरक्षण के विवाद के बीच मध्यप्रदेश के गृह विभाग ने पुलिसकर्मियों को प्रमोशन (उच्च पद का प्रभार) देने का नया रास्ता निकाला है लेकिन कई पुलिसकर्मियों को उच्च पद का प्रभार रास नहीं आ रहा। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने प्रमोशन लेने से इनकार कर दिया है। इनकार करने वालों में सबसे ज्यादा हवलदार से दरोगा बने पुलिसकर्मी हैं। प्रदेश में करीब 250 हवलदारों ने सहायक उप निरीक्षक का प्रभार लेने से इनकार कर दिया है। इस आशय के आवेदन डीपीओ में आने के बाद उन्हें अग्रिम कार्रवाई के लिए डीपीओ को भेजा जा रहा है।

चूंकि हवलदारों की पूरी नौकरी जिले में ही पूरी होती है। उच्च पद का प्रभार लेने से उन्हें कोई खास लाभ भी नहीं हो रहा। उनकी नौकरी भी कम समय की बची है। ऐसे में जिला छोड़ने की बाध्यता की वजह से कुछ हवलदारों ने प्रमोशन लेने से इनकार कर दिया है। प्रधान आरक्षकों ने आवेदन में ऐसा कुछ नहीं लिखा है जिससे वे अनुशासनहीनता की परिधि में आएं। सभी ने रिटायरमेंट नजदीक होने, पारिवारिक परेशानियों में घिरे होने या पत्नी के गंभीर बीमार होने का जिक्र किया है।

इस वजह से हवलदार नहीं बनना चाहते
प्रधान आरक्षकों को जारी आदेश में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि उच्च पद का प्रभार एक नोटिस पर समाप्त किया जा सकता है। प्रधान आरक्षक पद से सहायक उप निरीक्षक बेशक बन जाएं लेकिन न तो उनका वेतन बढ़ रहा है और न ही उन्हें कोई स्पेशल अलाउंस मिलने वाले हैं। सर्विस रोल(एसआर) में भी उनका मूल पद प्रधान आरक्षक ही लिखा जाएगा। यदि कोई अलग से लिखा-पढ़ी हुई भी तो उसके रजिस्टर अलग से तैयार किए जाएंगे। नौकरी के साथ इतने झंझटों की बात सोचकर हवलदारों ने दरोगा बनने से मना कर दिया है।

जानिए... मुरैना में 8 हवलदारों ने उच्च पद का प्रभार छोड़ा

मुरैना में पदस्थ प्रधान आरक्षक मुन्ना लाल शर्मा, प्रहलाद कुशवाह एजेके, आकिब बेग ट्रेफिक, कमल सिंह परमार एसडीओपी कार्यालय सबलगढ़, जिलेदार सिंह लाइन, भास्कर सिंह लाइन, केशव यादव लाइन व रामगोविंद सिंह लाइन ने सहायक उप निरीक्षक पद का प्रभार लेने से मना कर दिया है।

दतिया में तीन आवेदन पहुंचे हैं। इनमें पंचम सिंह यादव ने प्रमोशन के बाद सेवानिवृत्ति ले ली। जबकि दो एएसआई ने प्रमोशन निरस्त कराने के लिए आवेदन दिया है। दरअसल हवलदार से ये तीनों एएसआई बने और ट्रांसफर हो रहा है। सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण आवेदन दिया है।

श्योपुर जिले में 55 प्रधान आरक्षकों का प्रमोशन होकर उन्हें एएसआई बनाया गया था। इसमें तीन लोगों ने अपना प्रमोशन निरस्‍त कराने के लिए एसपी संपत उपाध्‍याय को आवेदन दिया है। तीनों लोग अपने गृह जिले से बाहर नहीं जाना चाहते हैं। प्रमोशन निरस्‍त करने के लिए यही एक वजह बताई है।

यह प्रमोशन नहीं, व्यवस्थाओं के लिए सिर्फ जिम्मेदारी बदली
^जो हवलदार, एएसआई पद का उच्च प्रभार लेने के इच्छुक नहीं हैं, उनके स्थान पर जूनियर कर्मियों को उच्च पद के प्रभार देने के नए आदेश जारी करेंगे। यह प्रमोशन नहीं है, व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारियां बदली हैं। उच्च पद का प्रभार लेने की कोई जोर-जबरजस्ती भी नहीं है।
अन्वेश मंगलम, एडीजीपी प्रशासन भोपाल
समीक्षा करेंगे कौन कर्मचारी प्रभार संभालने को तैयार नहीं

^हवलदार से एएसआई व एएसआई से सब इंसपेक्टर पद के आदेश जारी के बाद जिलों को कह दिया था कि होली तक जो जहां है वहीं काम करेगा। होली बीत चुकी है इसलिए बुधवार से समीक्षा करेंगे कि कौन कर्मचारी प्रभार संभालने को तैयार नहीं है। जो लाेग आदेश को रिफ्यूज करेंगे उनके स्थान पर जूनियर को उच्च पद के प्रभार दिए जाने के नए आदेश जारी किए जाएंगे।
मनोज शर्मा, आईजी, चंबल

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