फर्जी लाइसेंस का मामला:नियम विरुद्ध लाइसेंस बनाकर सचिव व प्रभारी फंसे, दूसरे बाबू को नोटिस थमाया

शिवपुरी2 महीने पहले
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शिवपुरी कृषि उपज मंडी में साल 2018 के भावांतर की जांच में शाखा प्रभारी बाबू द्वारा फर्जी लाइसेंस का मामला सामने आया था। बाबू श्रीमान जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जमानत के बाद बाबू शिवपुरी मंडी में ही कार्यरत है। सचिव आरपी सिंह ने उसी को लाइसेंस शाखा का प्रभारी बना दिया। नतीजा यह हुआ कि भागीरथ कुशवाह पर 11 लाख से ज्यादा की वसूली निकली है।

व्यापारी की फर्म ब्लैक लिस्टेड है और परिवार के किसी भी सदस्य का नया लाइसेंस जारी नहीं हो सकता। सचिव आरपी सिंह ने एक बार आवेदन इसी आधार पर निरस्त कर दिया और दूसरी बार भागीरथ कुशवाह के बेटे सत्यम का लाइसेंस जारी कर दिया। इस फर्जीवाड़े में सचिव आरपी सिंह और जायसवाल फंस गए हैं। खुद को बचाने के लिए दूसरे बाबू ललित चौधरी को सचिव ने नोटिस थमा दिया है। इस फर्जीवाड़े का दैनिक भास्कर ने खुलासा किया तो सचिव ने बाबू को इसी आधार पर दस्तावेज लीक करने का नोटिस थमा दिया।

जाहिर है कि सचिव के डिजीटल सिग्नेचर से जारी लाइसेंस के मामले में किसी बाबू को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जबकि डिजीटल सिग्नेचर किसी को नहीं दिया जाता। इस मामले एसडीएम एवं भार साधक अधिकारी अरविंद बाजपेयी का कहना है कि जांच कराएंगे। यदि सचिव और संबंधित शाखा प्रभारी बाबू से पूछताछ करेंगे। नियम विरुद्ध लाइसेंस जारी होने पर कार्रवाई करेंगे। -

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