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मनमानी:बसाें का लाॅकडाउन अवधि का पूरा टैक्स माफ फिर भी किराया दोगुना किया, यात्रियाें काे भी ठूंस-ठूंसकर बैठा रहे

शिवपुरी3 दिन पहले
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  • शिवपुरी से ग्वालियर के 110 के बजाए 200 रुपए अाैर अहमदाबाद के 1000 की बजाय ले रहे 1600 रुपए
  • बस ऑपरेटर बोले- डीजल के दाम बढ़े इसलिए थाेड़ा किराया बढ़ाया, आरटीओ बोलीं- किराया बढ़ाना गलत, कार्रवाई करेंगे

प्रदेश सरकार द्वारा लाॅकडाउन अवधि का बसाें का पूरा टैक्स माफ करने की घाेषणा के बाद भी बस संचालकाें ने यात्रियों से दाेगुना किराया वसूलना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन के पहले मार्च तक ग्वालियर का किराया 110 रुपए था लेकिन अब 200 रुपए वसूले जा रहे हैं। सरकार ने पूरी क्षमता के साथ बसों में यात्रियों को ले जाने की सुविधा दी है। फिर भी 45 की क्षमता वाली बस में 60 सवारी भरी जा रही हैं। सीटाें पर ताे यात्री सटकर बैठे ही हैं, 15 से 20 सवारियां खड़ी करके ले जा रहे हैं। कानपुर से अहमदाबाद तक पहले 1000 रुपए में स्लीपर कोच से जाते थे, अब सीट पर बैठने के 1600 रुपए वसूल रहे हैं। जबकि बस मालिकाें ने किराया बढ़ाने के संबंध में परिवहन विभाग से काेई अनुमति नहीं ली है। परिवहन विभाग ने बसें चलाने की अनुमति चेते समय स्पष्ट तौर पर चेताया था कि किसी भी तरह के किराए में वृद्धि नहीं होगी।

45 यात्रियाें की क्षमता वाली बस में 60 सवारियां बैठाईं...

दैनिक भास्कर संवाददाता सर्वेश राजपूत यात्रियों की पीड़ा जानने के लिए देहरदा से बस में सवार हुए। शिवपुरी से गुना जा रही रामेश्वर धाम बस सर्विस में सवारियों से 100 की जगह 200 रुपए तक गुना का किराया लिया गया। बस में यात्रा कर रहे रामकिशन से पूछा तो उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले 100 रुपए किराया लगता था, अब 200 लेने लगे हैं। वहीं कंडेक्टर गगन से पूछा तो वह बोले कि डीजल के दाम बढ़ गए हैं। 45 की क्षमता वाली बस में करीब 60 सवारी बैठी हुई थी। कुछ सवारी खड़ी थी तो कुछ सीटों पर दो के बजाए तीन बैठे थे। कोरोना की गाइडलाइन का पालन भी बस में नहीं किया जा रहा था। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां तो खुलकर उड़ाई ही जा रही थी, यात्रियाें के मुंह पर मास्क तक नहीं था।

जब बस काे सैनिटाइज कराने की बात संवाददाता ने कंडेक्टर से पूछी तो उसने बताया कि शिवपुरी से गुना तक एक भी सेनिटाइजिंग केंद्र नहीं है, कैसे सैनिटाइज करें। जो सवारी हमसे सैनिटाइजर मांगती है, हम उसे सैनिटाइजर दे देते हैं। इसके बाद एबी रोड पर संवाददाता सर्वेश राजपूत कानपुर से अहमदाबाद जाने वाली बस में सवार हुए।

बस में सवारियां अंदर तक भरी थीं। खिडकी के पास बैठी सवारी कमलेश साहू ने बताया कि अहमदाबाद तक का स्लीपर का किराया यहां से पहले 1 हजार था, लेकिन अब एक सीट का किराया 1600 वसूल रहे हैं। नीचे के स्लीपर पर एक से अधिक सवारियाें काे बैठाया गया है।

बस ऑपरेटरों ने ऐसे बढ़ाया किराया

  • कहां से कहां तक पहले अब
  • शिवपुरी से गुना 100 180
  • शिवपुरी से ग्वालियर 110 200
  • सिरसोद से शिवपुरी 40 70
  • शिवपुरी से झांसी 100 150
  • सिरसौद से खनियाधाना 70 100
  • खोड से ग्वालियर 100 200
  • शिवपुरी से डबरा 150 200
  • शिवपुरी से नरवर 40 60
  • शिवपुरी से इंदौर 500 800
  • शिवपुरी से भोपाल 350 700

मार्च में डीजल 66 रु प्रति लीटर था, अब 82 रु लीटर है इसलिए थोड़ा सा किराया बढ़ाया
मार्च में जब बसें बंद हुई तो डीजल 66 रुपए प्रति लीटर था। अब डीजल के भाव 82 रुपए से अधिक हैं। ऐसे में ज्यादा किराया बसों ने नहीं बढ़ाया है। हम 150 रुपए में गुना और 500 रुपए में भोपाल और इंदौर का किराया 800 रुपए ले रहे हैं। जहां तक आप ज्यादा किराया की बात कह रहे हैं तो वह सूत्र सेवा की बसें ले रही हैं। हम नहीं ले रहे। हमने तो थोड़ा सा किराया डीजल की परेशानी के चलते बढ़ाया है।
मुकेश सिंह चाैहान, बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष

ज्यादा किराया वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी
जो बस संचालक यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल रहे हैं, उन पर कार्रवाई होगी। बस संचालकों को किराया बढ़ाने की कोई अनुमति नहीं दी है। जब रोड टैक्स सरकार ने माफ कर दिया है और पूरी क्षमता से बसें चलाने की अनुमति दे दी है तो किराया बढ़ा ही नहीं सकते। ऐसे बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और बस संचालकों की बैठक भी लेंगे। कोविड की गाइडलाइन का भी पालन बस संचालकों को करना होगा। जितनी क्षमता है, उतनी ही सवारियां बैठानी की अनुमति हाेगी।
मधु सिंह, जिला परिवहन अधिकारी, शिवपुरी

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