जांच कमेटी ही विवादों में घिरी:वकील ने लिखा-जनता माफ करना, मैं अब भ्रूण हत्या वीडियो जांच कमेटी में सदस्य नहीं हूं

शिवपुरी2 महीने पहले
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  • पीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति के दो सदस्य जांच कमेटी में थे, अचानक हटाने से जांच ही विवादों में घिरी

शिवपुरी शहर के निजी हॉस्पिटल में कन्या भ्रूण हत्या संबंधी स्टिंग का वीडियो सामने आने से शिवपुरी जिले से लेकर भोपाल तक खलबली मच गई है। आनन फानन में शनिवार को पीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति की बैठक बुलाई और मामले में पुख्ता कार्रवाई के लिए समिति के सदस्यों ने सलाह मशविरा करके पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी।

इसमें अधिवक्ता संजीव बिलगैयां और आलोक इंदौरिया को रखा। लेकिन रात 11 बजे के बाद दोनों को ही जांच कमेटी से बाहर कर दिया। इसके बाद रविवार को एडवोकेट संजीव बिलगैया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है जिसमें स्पष्ट लिखा है कि जनता माफ करना, मैं अब भ्रूण हत्या वीडियो जांच कमेटी में सदस्य नहीं हूं। सलाहकार समिति की मीटिंग में भ्रूण हत्या करने वालों के खिलाफ पूरी रूपरेखा तय कर ली थ्ी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अफसरों के बीच ऐसी क्या बातचीत हुई कि जांच कमेटी से दो सदस्य बाहर कर दिए। इसे लेकर दिन भर मामला गरमाया रहा। निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर पहले से ही सवाल खड़े होने लगे हैं। नोडल अधिकारी डॉ संजय ऋषिश्वर भी मामले को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं कर पाए।

कलेक्टर छुट्टी पर, अधीनस्थ अफसर की कार्यशैली पर सवाल: कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह छुट्टी पर चल रहे हैं। इसके बाद भी उन्होंने सलाहकार समिति की मीटिंग से संबंधी प्रक्रिया में फोन के जरिए ही समझा और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन कलेक्टोरेट में अधीनस्थ अफसर ने अचानक दो लोगों को जांच कमेटी से हटवा दिया। इससे संबंधित अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। चर्चा तो यहां तक है कि अधिकारी रिटायरमेंट के आखिरी पड़ाव पर है, इसलिए लोगों को जांच प्रभावित होने की आशंका है। यदि भ्रूण हत्या कराने वाले जल्द नहीं पकड़े गए और जांच गड़बड़ हुई तो कई अधिकारी ही कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।

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