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सेमिनार:ठग घर भेज रहे फार्म, लालच में जानकारी मत भर देना वरना अकाउंट हो जाएगा खाली

शिवपुरी9 महीने पहले
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  • एसबीआई के अधिकारियों ने शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को दी जानकारी, सवाल-जवाब भी हुए

आजकल रजिस्टर्ड डाक से घर-घर फार्म भेजकर ठग नए सिरे से ठगी कर रहे हैं। उपभोक्ता इनाम के लालच में फार्म में मांगी गई बैंक की डिटेल भरकर भेज देता है। जिसे हासिल करने के बाद ठग उनके अकाउंट हैक कर सारा पैसा गायब कर देते हैं।

उपभोक्ता की एक गलती उसे जीवन भर की कमाई हुई पूंजी से दूर कर देती है इसलिए आवश्यक है कि हम किसी भी तरह की जानकारी या बैंक डिटेल किसी अन्य से शेयर न करें। यह बात उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित जागरूकता सेमिनार के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा गुरुद्वारा चौक के सहायक मैनेजर संजय वर्मा ने शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं को संबोधित कर कही।

एसबीआई के मैनेजर आशीष दुबे ने कहा कि कभी भी ओटीपी, आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, एटीएम के पासवर्ड कोड आदि की जानकारी किसी को न बताएं। बैंक कभी भी इस तरह की जानकारी अपने उपभोक्ता से पूछता ही नहीं है इसलिए इस तरह का कोई भी कॉल आपके पास आए जिसमें ओटीपी या आपके बारे में कोई पर्सनल जानकारी मांगी गई है तो उसे किसी भी कीमत पर न बताएं। आजकल ठगों ने नए तरीके से रजिस्टर्ड डाक द्वारा एक फार्म बैंक के नाम से ग्राहक के घर के पते पर भेजना प्रारंभ किया है। जिसमें बताया जाता है कि आपने लाखों का इनाम जीता है।

एक रिक्त फॉर्म आपसे भरवाया जाता है। जिसमें बैंक से संबंधित सभी जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर ,आधार नंबर, वह मोबाइल नंबर जो बैंक से लिंक है, फॉर्म में भरवा कर उस फॉर्म को अपने पते पर मगा लिया जाता है। इस प्रकार के फॉर्म भरकर कभी भी रजिस्टर्ड डाक द्वारा कदापि न भेजें।

आयोजन के दौरान ऑनलाइन फ्राड, बैंक प्रोडक्ट, होम लोन, पर्सनल लोन, लॉग टर्म और शॉर्ट टर्म प्रोडक्ट की जानकारी भी विस्तार से दी गई। इस दौरान कार्यशाला में उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव, डॉ. रतिराम धाकड़, मुकेश मिश्रा, राकेश कुलश्रेष्ठ, सुदर्शन गुप्ता, ताहिर खान,रजनी खरे, प्रीति रघुवंशी, पुष्पा मिश्रा, प्रतिभा राठौड, संध्या शर्मा, नमिता जुनेजा, स्वाति बांझल सहित उत्कृष्ट विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्रा मौजूद थे।

बैंक अधिकारियों ने मोबाइल बैंकिंग का डर दूर कर दिया

शिक्षकों के दृष्टिकोण से यह कार्यशाला बेहद उपयोगी रही। हमारे यहां कुछ शिक्षकों को मोबाइल बैंकिंग उपयोग करने में परेशानी और डर था जिसे बेहतर ढंग से प्रदर्शन देकर बैंक अधिकारियों ने दूर किया।

-विवेक श्रीवास्तव, प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय शिवपुरी

मोबाइल पर पूछी गई बैंक डिटेल से बचें

सवाल- हम अपना अकाउंट कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। आजकल बहुत सारे ठगी के मामले सुनने में आते हैं।

जवाब- आपकी जरा सी असावधानी आपके खाते को खतरे में डाल देती है। यदि आप अपना अकाउंट सुरक्षित करना चाहते हैं तो मोबाइल पर पूछी गई बैंक डिटेल से बचें। कभी भी अपना ओटीपी शेयर न करें। यदि कोई कन्फयूजन रहता है तो फिर सीधे बैंक आकर इसकी पड़ताल करें।

सवाल- हमारे बच्चे भी बड़े हो रहे हैं,कक्षा 12 में पढ़ रहे हैं। अगले साल नीट उत्तीर्ण कर मेडिकल पढेंगे। क्या इसके लिए बैंक ऋण देगा।

जवाब-देखिए बैंक द्वारा ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट पढ़ाई के लिए एजुकेशन लेान की सुविधा है। आप यदि बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन लेना चाहते हैं तो सभी बैंक इसके लिए तैयार रहती हैं। हमारे यहां से भी एजुकेशन लोन लेकर बच्चों को पढ़ाया जा सकता है। किसी भी लिंक बिना जांच पडताल के क्लिक न करें।

योनो एप और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी भी दी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया गुरुद्वारा चौक के ब्रांच मैनेजर आशीष दुबे, सहायक मैनेजर संजय वर्मा द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय में संगोष्ठी आयोजन के दौरान बैंकिंग नियम, मोबाइल बैंकिंग, योनो एप, लोन की फैसिलिटी, साइबर सेल से संबंधित कई जानकारी दी गई। इसके बाद यही आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 में किया गया।

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