गुना-अशाेकनगर की बारिश से काेलारस में बाढ़:दाे बच्चाें के संग उफनती नदी पार करते वक्त महिला बही, बच्चे सुरक्षित

शिवपुरी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग को खटिया सहित सुरक्षित स्थान पर ले जाते टीम के जवान। - Dainik Bhaskar
चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग को खटिया सहित सुरक्षित स्थान पर ले जाते टीम के जवान।
  • जिले में 24 घंटे में 20.94 मिमी बारिश, अब तक कुल 1008.87 मिमी हुई जो सामान्य औसत की 123% फीसदी

गुना और अशोकनगर जिले में भारी बारिश के कारण सिंध में बाढ़ आ गई। सिंध की इस बाढ़ के कारण शिवपुरी जिले की बदरवास व कोलारस तहसील के 6-7 गांव चपेट में आ गए। सुबह से शाम तक चले रेस्क्यु में 493 लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया, लेकिन इंदार थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में 28 साल की महिला नन्हीं बाई यादव दो बच्चों को लेकर नाले की उफनती पुलिया पार करते वक्त बह गई। बच्चे को बच गए, लेकिन महिला की मौत हो गई है। बदरवास तहसील के रेंजा घाट, रिजौदी, घुरवार और बांसखेड़ा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। जबकि कोलारस में गणेखेड़ा पंचायत का टपरियन, अनंदपुर व पचावली गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। कोलारस तहसील के गणेशखेड़ा पंचायत के टपरियन गांव से 260 ग्रामीणाें को निकाला है। बदरवास तहसील के रेंजा घाट गांव से 130 और रिजौदी गांव से 100 लोगों को निकाला है। इस तरह रेस्क्यु करके 490 लोगों को सुरक्षित निकाला है। जबकि बिजरौनी में तीन ग्रामीणों का रेस्क्यु हुआ है।

बता दें कि गुना और अशोकनगर जिले में भारी बारिश की वजह से शिवपुरी जिले में सिंध नदी फिर से उफान पर आ गई। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सिंध नदी किनारे रहने वाले गांवों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया। मुनादी करा देने से ग्रामीण सतर्क हो गए और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। इसके बावजूद तीन-चार गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए और रेस्क्यु करके निकालना पड़ा। एनडीआरएफ और पुलिस की मदद से 493 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया हे।
दौलतपुर: बड़ा बेटा हाथ छोड़कर लौटा, छोटे को ग्रामीणों ने बचाया, लेकिन मां बह गई

इंदार थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में शनिवार की सुबह 5 बजे महिला नन्ही बाई (28) पत्नी शिवकुमार यादव बह गई। बताया जा रहा है कि नन्ही बाई यादव गांव से दूर खेत पर रहती है। शुक्रवार को गांव में चाचा के मकान में आ गई थी और शनिवार की तड़के 5 बजे आठ साल व छह साल के बेटे के संग नाला पार करके जाने लगी। दरअसल, गांव के एक तरफ सिंध नदी और दूसरी तरफ नाला है। नदी में बाढ़ के कारण नाला भी ओवरफ्लो हो गया।

पुल पार करते वक्त आठ साल का बेटा हाथ छुड़ाकर लौट गया। गांव वालों ने छह साल के बेटे को बचा लिया, लेकिन महिला नन्हीं बाई बह गई। वरिष्ठ भाजपा नेता बैजनाथ यादव मौके पर पहुंच गए। इंदार थाना प्रभारी केएन शर्मा भी दल बल के साथ पहुंच गए। महिला का शव बरामद कराया और पीएम कराकर मर्ग कायम कर लिया है।

बिजरौनी: आदिवासी टपरे पर पति-पत्नी व बेटा फंसा, ट्यूब की मदद से निकाला

इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गांव स्थित आदिवासी टपराें पर पति देवीसिंह आदिवासी (55), पत्नी मायाबाई आदिवासी (50) और बेटा मिथुन आदिवासी (30) बाढ़ में फंस गए। थाना प्रभारी केएन शर्मा ने बताया कि स्टाफ व ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यु किया। ट्यूब के सहारे तीनों को सुरक्षित निकाल लिया। दरअसल सिंध में बाढ़ को लेकर पहले ही अलर्ट कर चुके थे।

बस्ती के दूसरे परिवार तो शाम को ही घर खाली करके सुरक्षित जगह चले गए। लेकिन तीन लोग वहीं रुके रहे और रात 2 बजे अचानक बाढ़ आ गई और फंस गए। बाढ़ में कच्चे टपरे ढह गए हैं। लोगों का कहना है कि सब कुछ इतना अप्रत्याशित था कि हम लोग समझ नहीं पाएं क्या करें। प्रशासन ने समय रहते रेस्क्यू शुरू कर दिया इससे लोगों की जान बच गईं।

किसानों की पीड़ा को समझें शिवराज, बताएं कब मुआवजा देंगे: कमलनाथ

शिवपुरी|यह ग्वालियर चंबल का क्षेत्र है, यहां पंजाब और हरियाणा की तरह खेती नहीं होती। यहां तो गुजारे की खेती होती है।इसलिए इस भीषण आपदा में किसानों का जितना नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा सरकार कब देगी। जो सड़क, बांध, पुल, पुलिया टूटे हैं उनकी मरम्मत कब होगी। यह टाइम लिमिट सीएम शिवराज सिंह तय करें, अकेली घोषणाओं से कुछ नहीं होता। आप इन पर कब अमल करने वाले हैं इसकी टाइम लिमिट जारी करें।

यह बात मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने हवाई पट्टी पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जो मुझे जानकारी दी गई है उसके अनुसार मड़ीखेड़ा डैम से एक साथ गेटों को पानी खोल कर छोड़ना सही निर्णय नहीं था। इससे एक नईं बाढ़ के हालात बने।

खबरें और भी हैं...