FIR पर आरपार:कांग्रेसियों के बाद भाजपाई आए सामने, ज्ञापन देकर की एफआईआर की मांग, पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया

बैतूल2 महीने पहले
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भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने कलेक� - Dainik Bhaskar
भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने कलेक�

बैतूल में भाजपा और कांग्रेस के बीच एफआईआर को लेकर छिड़ा विवाद खत्म होने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार कांग्रेस विधायक इस मामले में आगबबूला थे तो बुधवार को भाजपाइयों ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन करते हुए विधायक पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने विधायक पर भी एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।

भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजू सोलंकी की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को बदनाम करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस विधायक एवं उनके समर्थकों द्वारा बिना अनुमति के कॉलेज परिसर में घुसकर उत्पात मचा कर कानून तोड़ने का कृत्य किया गया। उनके इस कृत्य से शासकीय कार्य व प्रवेश प्रक्रिया बाधित हुई व छात्र-छात्राएं दिनभर कॉलेज का गेट बंद होने के कारण प्रताड़ित होते रहे। कॉलेज में आंदोलन के दौरान तालाबंदी, प्राचार्य से अभद्रता एवं आदि कृत्यों की शिकायत पर पुलिस ने विवेचना कर समर्थकों पर मामला दर्ज किया है।

पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने पर इसे कांग्रेसी नेताओं द्वारा जबरन राजनैतिक रंग देने के लिए भाजपा नेताओं के नाम लेकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेसी उपरोक्त बयानबाजी व ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन, शासन एवं भाजपा सरकार को बदनाम कर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कॉलेज में घटित अपराध से अपने को बचाने के लिए और कार्यवाही से बचने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पर दबाव का हथकंडा अपना रहे हैं। कांग्रेसियों द्वारा शिकायतकर्ताओं पर भी दबाव बना कर अपनी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और उनके परिवारों को डराया-धमकाया जा रहा है जिससे कि जांच प्रभावित हो सके।

भाजपाइयों ने अब की यह मांग
ज्ञापन में भाजपा नेताओं ने विधायक पर ही एफआईआर दर्ज करने की मांग कर डाली है। उन्होंने लिखा कि उक्त प्रकरण में शिकायतकर्ताओं एवं छात्रों पर दबाव बनाकर जांच प्रभावित करने, पुलिस प्रशासन, भाजपा सरकार को बदनाम करने के संबंध में 384, 506, 195-ए एवं 120-बी धारा के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कराया जाएं। साथ ही जो बयान दे रहे हैं कि उन्हें भी आरोपी बनाया जाएं, उनके आरोप स्वीकृत मानकर उनकी भी इच्छापूर्ति की जाएं। प्रकरण को न्याय संगत बिना किसी दबाव के जांच कर अन्य सभी लोगों पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं।