ट्रांसजेंडर राधा को मिला पहला पहचान प्रमाण पत्र:बोली- दिल करता था स्कूल जाऊं, पढ़-लिखकर डॉक्टर बनाना चाहती थी, जिले का पहला उभयलिंगी पहचान प्रमाण पत्र

बैतूल3 महीने पहले
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राधा किन्नर - Dainik Bhaskar
राधा किन्नर

बैतूल में ट्रांसजेंडर को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए मुलताई में निवासरत ट्रांसजेंडर राधा किन्नर को मंगलवार को कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने जिले का पहला उभयलिंगी पहचान प्रमाण पत्र और परिचय पत्र दिया।

मुलताई निवासी राधा किन्नर चाहती हैं कि उभयलिंगियों को पढ़ाई-लिखाई की सुविधा मिलना चाहिए और उन्हें सामान्य नागरिक के रूप में अवसर प्राप्त होना चाहिए। पहचान प्रमाण पत्र और परिचय पत्र लेते समय उनकी आंखों में आंसू थे। वे बार-बार सरकार को धन्यवाद दे रही थीं।

शुजालपुर में जन्मी राधा ने बताया कि उनका परिवार बहुत ही गरीब था। वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती थी। स्कूल के सामने से जब गुजरती थीं तो स्कूल जाने का बहुत मन होता था, लेकिन परिस्थितियों ने उनको पढ़ने नहीं दिया। वे इस बात से बहुत दुखी हैं कि उनके निकलने पर लोग छेड़ते हैं, जिससे उन्हें मानसिक तकलीफ से गुजरना पड़ता है। राधा ने अपील की है कि यदि किसी के घर में इस तरह का बच्चा जन्म लेता है तो उसे घर से अलग न करें, बल्कि उसे पढ़ाए-लिखाएं और सामान्य जीवन जीने का वातावरण प्रदान करें। वह चाहती हैं कि उभयलिंगी समुदाय को सामान्य नागरिक के रूप में जीने के अवसर मिलना चाहिए।

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