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मनमानी का हाइवे:वर्क आर्डर के 1 साल बाद भी कंपनी ने शुरू नहीं किया फोरलेन का काम, अब उजाड़ रही फसल

बैतूल12 दिन पहले
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जाेगली के पास खेतों में खड़ी फसल पर जेसीबी चलाते कंपनी के कर्मचारी। इनसेट : चिचोली के पास बना रहे नाका। - Dainik Bhaskar
जाेगली के पास खेतों में खड़ी फसल पर जेसीबी चलाते कंपनी के कर्मचारी। इनसेट : चिचोली के पास बना रहे नाका।
  • किसानों का आरोप- जाेगली में ठेका कंपनी ने गलत जगह गाड़ दिए खूंटे, पुरानी जगह अलग थी

बैतूल- चिचोली- इंदौर फोरलेन बनाने के लिए दिसंबर 2020 में शुरू होने वाला काम वर्क आर्डर के एक साल बीतने के बावजूद भी ठेका कंपनी बंसल ने शुरू नहीं किया है। निर्माण के लिए 25 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। सभी जगह अवार्ड पारित हो चुके हैं। फिर भी निर्माण शुरू नहीं किया।

किसानों ने काम शुरू नहीं होने और मुआवजा कम मिलने के कारण बोवनी कर दी है, जिसे काम करने के नाम पर ठेका कंपनी द्वारा जेसीबी चलाकर उजाड़ा जा रहा है। एनएच 59 ए पर केवल एक जगह खेड़ी के समीप टोल नाका जरूर तेजी से बनाया जा रहा है। यह नाका एनएच-59 ए पर टू लेन पर बन रहा है, न की फोरलेन पर।

यहां टोल नाके के बगल में खाली जमीन पर बंसल कंपनी के दर्जनों डंपर, मिक्सर मशीनें और जेसीबी खड़ी हैं, सड़क के बगल में खुदाई से अधिक काम नहीं हुआ है। भूअर्जन में विसंगतियों के आरोप लगाते रहे अभिषेक शुक्ला ने बताया कि जमीन अधिग्रहण और भूअर्जन में बहुत सी त्रुटियां हैं। कई जगह पुराने खूंटे जहां गाड़े गए थे अब नए खूंटे गाड़े जा रहे हैं, जोगली में इस तरह की स्थिति बनी है।

राजस्व वसूलने चिचोली के पास बना दिया टोल नाका

किसानों ने विसंगतियों के लगाए आरोप, लगाई फसलों को उजाड़ रहे

  • चार गुना मुआवजा नगरीय क्षेत्र में दिए जाने की बात कही थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
  • जिन जगहों पर किसानों ने 35 से 40 लाख में सिंचित जमीनें बेची थी, उनके बगल की जमीन अधिग्रहण होने पर किसानों को केवल 8 से 10 लाख एकड़ का मुआवजा मिला।
  • जोगली समेत अन्य जगहों पर अधिग्रहण में सही मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने सोयाबीन फसल बोनी कर दी थी। अब काम शुरू करने के नाम पर फसल उजाड़ी है, काम शुरू नहीं किया।
  • भूअर्जन और मुआवजा वितरण में कई जगह कुएं और पेड़ों का उल्लेख नहीं किया गया। जब इनका पूरक मुआवजा मांगा गया तो वह भी नहीं दिया।
  • तीन महीने पहले किसानों ने चक्काजाम भी किया था, लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं। मुआवजा वितरण त्रुटिपूर्ण है।

बैतूल से चिचोली तक आ रहे 25 गांव, जमीन हो चुकी अधिग्रहित

​​​​​​​बैतूल- चिचोली- इंदौर फोरलेन का काम भूअर्जन और अवार्ड पारित कर दिए हैं। कंस्ट्रक्शन कंपनी को 2022 के अंत तक काम पूरा करना है। बैतूल और चिचोली में 40 किमी का हिस्सा आ रहा है। इसी हिस्से में 25 गांव आ रहे हैं, जिनकी जमीन अधिग्रहित हो गई है। हालांकि इस अधिग्रहण में विसंगतियों का आरोप लगाकर किसान चक्काजाम कर चुके हैं। कम मुआवजा दिए जाने, पेड़ और कुओं का मुआवजा नहीं देने और खूंटियों की जगह बदले जाने के आरोप लग रहे हैं।

टू- लेन पर टोल नाके का तेजी से किया जा रहा कंस्ट्रक्शन
भास्कर ने मुआयना किया तो खेड़ी के समीप टू-लेन नाके का कंस्ट्रक्शन तेजी से किया जा रहा है। इसके आगे से फोरलेन का काम शुरू होगा। टोल नाके को श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी बनवा रही है। इस टोल नाके के आगे कुछ दूरी तक सड़क के अगल-बगल में जेसीबी से खुदाई जरूर की गई।

यहां की जमीन अधिग्रहित हो चुकी

बैतूल के ढोंढवाड़ा, टाहली, परसोड़ा, गढ़ा, डहरगांव, जीन, दनोरा 368, अखतवाड़ा, महदगांव, देवगांव, खेड़ीसांवलीगढ़, कुम्हली, भड़ूस, हिवरखेड़ी, चिचोली के मिंजापुर, कोंढर, नसीराबाद, हर्रावाड़ी, दनोरा 345 में अधिग्रहण पिछले साल हो चुका है। 2021 में सीताडोंगरी, गोंडू मण्डई, सोनपुर, चिचोली, जोगली, सिंगरईखापा गांव में अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हुई।​​​​​​​

550 करोड़ में बंसल ग्रुप को मिला है ठेका​​​​​​​

फोरलेन का निर्माण दाे हिस्सों में हाेगा। पहला बैतूल से चिचोली तक की 40 किमी सड़क का ठेका बंसल ग्रुप को मिला है। 550 करोड़ से यह फोरलेन बनेगा। इसी तरह चिचोली से हरदा के टेमागांव तक का 30 किमी का ठेका अन्य कंपनी को मिला है। इस सड़क पर रोजाना लगभग 7 हजार चालक वाहन चलाते हैं, उनका सफर आसान होगा। वहीं इंदौर जाने वाली बसों की सेवा बेहतर हो जाएगी।

काम शुरू करने में कोई अड़चन नहीं है​​​​​​​

फोरलेन निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण और भूअर्जन लगभग पूरा किया जा चुका है। कुछ जगह ही थोड़ा काम बचा है। काम शुरू करने में कोई अड़चन नहीं है। कंस्ट्रक्शन कंपनी और एनएच को काम शुरू करवाना चाहिए। लगभग सभी जगह क्लियर हो चुकी हैं।
- सीएल चनाप, एसडीएम, बैतूल​​​​​​​

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