बैतूल में FIR v/s FIR:वनकर्मियों पर छेड़छाड़ का आरोप, शिकार के आरोपियों ने कराई एफआईआर, वनकर्मी भी जांच पर अड़े

बैतूल21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जांच पर अड़े वनकर्मी। - Dainik Bhaskar
जांच पर अड़े वनकर्मी।

शिकार के आरोपियों से पूछताछ करने वाले वनकर्मियों पर की गई एफआईआर से विभाग में नाराजगी है। वनरक्षकों ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि अगर फर्जी कार्रवाइयों की जांच ठीक से नहीं की गई तो वे अपना बस्ता जमा कर देंगे। इसे लेकर संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है।

मध्यप्रदेश वन एवं वन्य प्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ के बैनर तले वनरक्षक कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने झूठे मामलों में फंसाने की जांच की मांग की है। संघ के अध्यक्ष आकाश प्रधान ने कहा - अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विभाग के रेंजर से लेकर वनरक्षक तक अपना बस्ता जमा कर देंगे।

यह है मामला

बैतूल रेंज के तहत बीट घुग्गी चोपना में सांभर का शिकार किया गया था। वन विभाग ने इस मामले में आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने करंट लगाकर वन्य प्राणी सांभर की हत्या कर उसका मांस गांव में 200 रुपए किलो में बेच दिया था। 19 दिसंबर की इस घटना पर विभाग जांच कर रहा है, जबकि गांव में आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।

संघ के अध्यक्ष के मुताबिक 26 दिसंबर को जांच दल गांव गया था। आरोपियों के नहीं मिलने पर दल चोपना नाके पर आ गया था। यहां आरोपी महेश काजले नाके पर मिल गया, उससे पूछताछ करना चाहा तो पूरा गांव एकत्रित हो गया। महेश काजले, विष्णु काजले और उसकी पत्नी ललिता ने वनरक्षक आशीष गौर को घेर कर मारपीट की। यही नहीं औजारों से वननाके में तोडफ़ोड़ कर दी। इस मामले की रिपोर्ट लिखाने पर आरोपियों ने वनरक्षक प्रशांत हजारे के खिलाफ छेड़छाड़ की एफआईआर करवा द। विभाग इसी मामले की जांच की मांग कर रहा है।