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शिक्षा की अलख:पालक शिक्षक घर-घर जाकर क्लास में आने देंगे न्योता

बैतूल7 महीने पहले
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  • 5 जनवरी तक 80 प्रतिशत छात्र-छात्राओं काे स्कूल पहुंचाने का है टारगेट

प्रशासन ने 18 दिसंबर से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं नियमित की हैं। एक सप्ताह में स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 35 से 40 प्रतिशत बढ़ी है। कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने को लेकर अब शिक्षक घर-घर जाकर पालकों को बच्चों को स्कूल भेजने की समझाइश देंगे। शिक्षा विभाग ने 5 जनवरी तक 80 प्रतिशत उपस्थिति बढ़ाने का टारगेट रखा है। उपस्थिति बढ़ाने के लिए अधिकारियों द्वारा वीडियो काल से प्राचार्य और शिक्षकों से नियमित चर्चा की जा रही है। वहीं बच्चों को राइटिंग वर्क से पढ़ाई करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

स्कूल आने की पालक शिक्षक देंगे समझाइश
जिले में हाई और हायर सेकंडरी स्कूल में 9वीं से 12वीं तक 89 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें 70 हजार सरकारी तथा 19 हजार प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। स्कूल खुलने के एक सप्ताह बाद भी स्कूलों में 35 से 40 प्रतिशत ही बच्चे पहुंचे पाए हैं। बच्चों को स्कूल लाने के लिए पालक शिक्षक को जिम्मेदारी दी है। वे बच्चों के गांव या घर जाकर पालकों को बच्चों को स्कूल भेजने की समझाइश देंगे।

सोशल डिस्टेंस, मास्क पर भी रख रहे नजर
स्कूलों में बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंस रखा जा रहा है या नहीं, वहीं मास्क पहना है या नहीं। यह भी अधिकारियों द्वारा वीडियो काल कर देखा रहा है। जिन स्कूलों में ऐसा नहीं हो रहा है, वहां पर समझाइश दी जा रही है कि बच्चों में सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए क्या करें। जहां पर पर्याप्त जगह है, वहां दूरी बनाएं, नहीं तो शाला परिसर में धूप में भी बच्चों को बैठाकर सोशल डिस्टेंस बनाने की हिदायत दी है।

रिजल्ट बेहतर बनाने कठिन विषय पर विशेष ध्यान
बोर्ड कक्षाओं को रिजल्ट को बेहतर बनाने की कवायद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है। इसके लिए कठिन विषय अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान सहित अन्य विषयों में बच्चों को लिखने में अधिक रुचि जगाई जा रही है। इसके लिए एक शिक्षक को 15 से 20 बच्चों की जिम्मेदारी दी गई है।

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