नेताओं को भूली डब्ल्यूसीएल:आमंत्रण से लेकर पत्थर तक से सांसद और विधायक के नाम गायब, अफसरों को बनाया मुख्य अतिथि

बैतूल13 दिन पहले
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पत्थरों से गायब हुए जनप्रतिनिधियों के नाम  - Dainik Bhaskar
पत्थरों से गायब हुए जनप्रतिनिधियों के नाम 

कोयला कंपनी वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड सांसद और क्षेत्र के विधायक को ही भूल गई। जिस विधानसभा क्षेत्र में उसकी कोयला खदानें है। गुरुवार 7 अक्टूबर को कोल इंडिया चेयरमेन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कंपनी ने जिले के किसी भी जनप्रतिनिधि का नाम न तो आमंत्रण पत्र में छपवाया और न ही पत्थर पर लिखवाया। हालांकि बाद में कंपनी को नेताओं की नाराजगी के बाद दूसरे कार्ड छपवाने पड़े। लेकिन कार्ड तो पहले ही बंट चुके थे।

कोयला कंपनी डब्ल्यूसीएल गुरुवार पाथाखेड़ा की तवा 2 कोयला खदान में कंटीन्यूअस माइनर पैकेज का शुभारंभ कर रहा है। इसके लिए कोल इंडिया के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। कंपनी की ओर से बंटवाए गए आमंत्रण में जिले के किसी भी जनप्रतिनिधि का नाम नहीं है। विशिष्ट अतिथि की सूची में कंपनी के डायरेक्टर से लेकर सीएमडी के नाम है। लेकिन कंपनी इस बड़े आयोजन में सांसद डीडी उइके और विधायक योगेश पंडाग्रे को भूल गई।

आमंत्रण कार्ड बाद में, पहले
आमंत्रण कार्ड बाद में, पहले

नाराजगी के बाद छपे दूसरे कार्ड
कंपनी ने नेताओं की नाराजगी के बाद दूसरे कार्ड छपवाए। जिसमें सांसद डीडी उइके, विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे और ब्रह्मा भलावी का नाम बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल किया। इस बार कंपनी ने कार्ड में डायरेक्टर्स को तो शामिल किया लेकिन सीएमडी और अन्य दूसरे अफसरो को छोड़ दिया। सांसद डीडी उइके ने बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम को लेकर कोई जानकारी नही है। आमंत्रण और शुभारंभ पट्टिका में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा को लेकर वे कोयला मंत्री के सामने अपना विरोध दर्ज कराएंगे। विधायक डॉ पंडाग्रे के मुताबिक दिल्ली से जो कार्ड आया था। वह सर्कुलेट हुआ। लेकिन वे हमें व्यक्तिगत देकर गए है। उसमे यहां से नाम शामिल किया है। जबकि कंपनी के जीएम रंजन सिन्हा का कहना है कि जनप्रतिनिधि भी हमारे विशिष्ठ अतिथि है। मुख्यालय से क्या हुआ हम कुछ नहीं कह सकते।

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