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जारी है निजी अस्पतालों में आपदा टैक्स:रेडक्राॅस के मुफ्त वाहन में शव ले जाने के लिए अस्पतालकर्मी ने मांगे चार हजार रुपए

बैतूलएक महीने पहले
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महामारी के दाैर में निजी अस्पतालों द्वारा परेशान मरीज और उनके परिजनों से मुफ्त और कम दाम पर मिलने वाली सरकारी सेवाओंं पर भी आपदा टैक्स वसूला जा रहा है। लगातार मामले सामने आने के बावजूद अधिकारियों द्वारा इन अस्पताल संचालकों को दी जा रही छूट का ही नतीजा ही है कि पहले लश्करे अस्पताल में सरकारी रेमडेसिविर पर 4432 रुपए ज्यादा वसूलने का मामला सामने आया।

अब वैष्णवी अस्पताल द्वारा पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल द्वारा संचालित और रेडक्रॉस द्वारा मॉनिटरिंग की जाने वाली निशुल्क वाहन सेवा का एक किमी शव ले जाने का 4 हजार रुपए किराया मांगने का मामला सामने आया।

बडोरा के वैष्णवी अस्पताल में शव वाहन के नाम पर चार हजार रुपए मांगे पर बैतूल के एक युवक ने शव वाहन के रुपए मांगने पर विरोध जताया और रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन को सूचना दी। जब चेयरमैन वहां पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने उनसे शव वाहन के रुपए नहीं लिए। युवक द्वारा डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को इसकी लिखित शिकायत की।

रेडक्राॅस के चेयरमैन पहुंचे ताे नहीं लिए रुपए

बैतूल के राजेश राठौर ने बताया उनके ममिया ससुर वैष्णवी अस्पताल में भर्ती थे। बुधवार को उनका निधन हो गया। अस्पताल संचालकों द्वारा शव वाहन के 4 हजार रुपए की मांग की। जबकि मैने कहा कि शव वाहन को निशुल्क है, इसके पैसे क्याें लिए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल स्टाफ रुपए की मांग करता रहा। इसके बाद उन्होंने रेडक्रास के चेयरमैन डॉ. अरुण जयसिंगपुरे को सूचना दी। डॉ. जयसिंगपुरे के पहुंचने पर उन्होंने शव वाहन के निशुल्क होने की जानकारी दी।

इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे रुपए नहीं लिए। राजेश राठौर ने बताया हमें शव वाहन के निशुल्क होने की जानकारी थी तो हमने रुपए नहीं दिए, लेकिन अस्पताल वालों ने ना जाने कितने मरीजों से निशुल्क शव वाहन सेवा के भी रुपए ऐंठ लिए गए होंगे। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे से की। डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने बताया शिकायत मिली है। अस्पताल के बिलों की भी जांच की जाएगी।

पूर्व सांसद, बाेले- कलेक्टर मामले की करें जांच

पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल द्वारा शव ले जाने के लिए निशुल्क वाहन सेवा संचालित की जाती है। उन्हें जब शव वाहन के नाम पर रुपए लेने की जानकारी लगी तो उन्होंने कलेक्टर से शिकायत कर जांच करवाने की मांग की। पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल ने कहा शव वाहन में दो ड्राइवर हैं। इसमें एक ड्राइवर का वेतन मैं खुद देता हूं और एक ड्राइवर शासकीय है। यह निशुल्क सेवा है। इसके प्राइवेट अस्पताल द्वारा रुपए मांगना गलत है। इसकी जांच करवाने के लिए कलेक्टर से चर्चा की है।

स्टाफ को भविष्य में ऐसा न करने की समझाइश देंगे

शव वाहन तो निशुल्क रहता है। हमारे यहां के स्टाफ ने रुपए की मांग नहीं की थी फिर भी ऐसा है तो पूरे स्टाफ को समझाइश दे दी जाएगी, कि भविष्य में ऐसा ना करें।
- हरीश मानकर, संचालक, वैष्णवी अस्पताल, बैतूल

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