पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आयोजन:अगर गुरु श्रेष्ठ हो तो शंका दूर होगी वरना संदेह हो जाएगा

बैतूलएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • श्रीरामकथा के सातवें दिन सीता हरण, हनुमान मिलन, बाली वध और शबरी की कथा सुनाई

गंज मैदान में चल रही रामकथा में सप्तम दिन पं. सुखदेव शर्मा ने सीता हरण, हनुमान मिलन, बाली वध और शबरी पर कृपा की कथा सुनाई। उन्होंने कहा भगवान का चरित्र बहुत गूढ़ होता है, जिसे भगवान जानना चाहे वह जान सकते हैं, अगर गुरु श्रेष्ठ हो तो शंका दूर होगी वरना संदेह हो जाएगा, इसलिए जीवन में गुरु जरूर बनाएं। इंद्र पुत्र जयंत को नारद जी ने ही बचाया। धनवान बनने के लिए एक-एक कण का संग्रह करना पड़ता है गुणवान बनने के लिए एक-एक गुण का सदुपयोग करना पड़ता है। अनुमान गलत हो सकता है किंतु अनुभव गलत नहीं होता, क्योंकि अनुमान हमारे मन की कल्पना है और अनुभव हमारे जीवन की सीख होती है। आगे कथा में पंडित शर्मा ने कहा भगवान ने असली सीता अग्नि देवता को दी और माया की सीता को रावण साधु वेश में आकर हरण कर ले गया। उन्होंने कहा आज कई नकली रावण रूप महात्मा बनकर माया हरण करने में लगे हैं, पहले जो साधु जितना विरक्त होता उसकी पूजा होती थी, लेकिन आज जो साधु के पास जितनी माया का संग्रह उसकी पूजा लोग कर रहे और उन्हें सिद्ध जानकर अपनी श्रद्धा, भक्ति, परिवार, संपत्ति सौंप रहे और वे उसका भोग कर स्वयं को और शिष्य दोनों को धोखा दे रहे हैं। सच्चा साधु माया के लिए वेश नहीं बदलता, अगर वेश बदलो तो मकान के लिए, झूठ बोलो तो केवट जैसे, इंतजार करो तो सबरी की तरह जिससे सहज परम गति मिल जाए। पंडित शर्मा ने कहा ज्योतिषी से राशि पूछने से कुछ नहीं होगा। राम, रावण, कृष्ण, जटायु, जयंत, सीता, सूर्पनखा, डाकू इन की राशि भी एक है, लेकिन कर्म अलग-अलग है। इसलिए फल भी अलग-अलग मिलता है। अपने लिए मत जियो अपनों के लिए जियो जिनकी कोई समस्या नहीं वही दूसरों की समस्या हल कर सकते हैं।

धर्म से शान, ज्ञान से ध्यान, ध्यान से मोक्ष मिलता है : पंडित शर्मा
उन्होंने कहा शरीर की रक्षा द्वारा धर्म की रक्षा होती है। धर्म से शान, ज्ञान से ध्यान, ध्यान से मोक्ष मिलता है। वृद्धावस्था सिंहनी की भांति मुख फाड़कर खड़ी है, आयु मटके के पानी की तरह बूंद-बूंद टपकती जा रही है। घर में आग लग जाने के बाद कुआं खोदना बुद्धिमानी नहीं होती, इसलिए भगवान सीता जी को लेकर माता अनुसुईया के आश्रम में आए अनुसुइया जी ने सीता जी को दिव्य वस्त्र दिए और बताया स्त्री का जीवन जीभ की तरह होता है, जब वह आती तब उसका कोई दुश्मन नहीं होता जैसे-जैसे बढ़ती जाती उसके 16 ऊपर और 16 नीचे दांत शत्रु तैयार हो जाते, केवल अवसर देखते कि वह गलत मार्ग चले और दांत उसे काटे लेकिन जीभ अपने मार्ग पर सही चले तो 16 नीचे 16 ऊपर के शत्रु दांत स्वयं गिर जाते, जीभ का कुछ बिगाड़ नहीं सकते।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- यह समय विवेक और चतुराई से काम लेने का है। आपके पिछले कुछ समय से रुके हुए व अटके हुए काम पूरे होंगे। संतान के करियर और शिक्षा से संबंधित किसी समस्या का भी समाधान निकलेगा। अगर कोई वाहन खरीदने क...

और पढ़ें