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काम शुरू:सारनी के थर्मल पावर प्लांट में सामान्य ऑक्सीजन को 183 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर बनाई जाएगी लिक्विड ऑक्सीजन

बैतूल14 दिन पहले
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  • 78 लाख की लागत से अहमदाबाद की एअरोक्स नाइजेन कंपनी बनाएगी लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट

सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट के हाइड्रोजन प्लांट के बगल में 183 डिग्री सेल्सियस तक बेहद कम तापमान जनरेट करने वाला लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए काम शुरू हाे चुका है। प्लांट निर्माण का ठेका अहमदाबाद की एअरोक्स नाइजेन कंपनी को 78 लाख में दिया है। अमेरिका और जर्मनी से पार्ट्स बुलवाने वाली सुकैन कंपनी ने इस काम के लिए लगभग डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव रखा था।

खंडवा में कंपनी की परफॉरमेंस को देखते हुए यहां भी दिया ठेका
इसके लिए हाइड्रोजन प्लांट के बगल में ही कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया है। यहां पर मशीनें लगाई जाएंगी। खंडवा के थर्मल पावर प्लांट में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम एअरोक्स नाइजेन कंपनी को दिया गया था। इसे देखते हुए बैतूल के सारनी में भी एअरोक्स नाइजेन को ही यह काम दिया। कंपनी की परफॉरमेंस को देखते हुए यह ठेका दिया गया।

जानिए... वातावरण में कौन सी गैस किस मात्रा में रहती है
वातारण में शुद्ध अाैर सूखी हवा में नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन, 21%, आर्गन 0.93%, कार्बन डाई ऑक्साइड 0.03% तथा हाइड्रोजन, हीलियम, ओज़ोन, निऑन, जेनान, जैसी गैसें काफी कम मात्रा में उपस्थित रहती हैं। नम वायुमंडल में जल वाष्प की मात्रा 5 प्रतिशत तक होती है। इस तरह ऑक्सीजन सामान्य हवा में पर्याप्त मात्रा में रहती है। बस इसे वातारण से लेकर लिक्विड रूप में बदलने की जरूरत है।

हाइड्रोजन बनाने के दौरान बनती है ऑक्सीजन इसे शुद्ध करेंगे
पावर प्लांट में रात-दिन चलने वाले जनरेटर को ठंडा करने के लिए हाइड्रोजन का उपयोग किया जाता है। इसके लिए यहां हाइड्रोजन के निर्माण के दौरान बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन निकलती है जिसे वातावरण में छोड़ दिया जाता है। 183 डिग्री सेल्सियस पर इस ऑक्सीजन में से अन्य गैसें नष्ट हाे जाती हैं, अशुद्धियां और कचरा भी जम जाता है। इसके बाद इस शुद्ध लिक्विड ऑक्सीजन काे प्लांट में स्टोर किया जाएगा।

एअरोक्स नाइजेन कंपनी को ठेका 78 लाख में दिया है
ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम एअरोक्स नाइजेन कंपनी को 78 लाख में दिया है। सारनी का हाइड्रोजन प्लांट पहले सुकैन कंपनी ने बनाया था। लेकिन यह कंपनी लगभग दोगुने और ज्यादा रेट्स में काम करने का प्रस्ताव रख रही थी। इस कारण एअरोक्स को काम सौंपा है। कंस्ट्रक्शन हो चुका है।
-सराज चौहान, चीफ इंजीनियर, सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट

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