विवादों में घिरा कोल इंडिया चेयरमैन का दौरा:बैतूल में विधायक ने किया बहिष्कार, भाजपाइयों ने जलाया पुतला

बैतूल20 दिन पहले
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कार्यक्रम का बहिष्कार करते विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे व अन्य भाजपा कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम का बहिष्कार करते विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे व अन्य भाजपा कार्यकर्ता।

बैतूल के कोयलांचल पाथाखेड़ा में आयोजित कोयला कंपनी डब्ल्यूसीएल के शुभारंभ कार्यक्रम का क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने बहिष्कार कर दिया।

इसके बाद भाजपाइयों ने यहां कोल इंडिया चैयरमैन का पुतला जलाया। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक पूजन के बाद ही मौके से रवाना हो गए। उन्होंने स्वागत समारोह और मुख्य मंचीय कार्यक्रम का बहिष्कार कर अपना विरोध जताया है। उन्होंने कोयला कम्पनी पर जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

पाथाखेड़ा को तवा 2 कोयला खदान पर आज कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल कंटीन्यूअस माइनर पैकेज का शुभारंभ करने पहुंचे थे। खदान के मुहाने पर इसके लिए पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां पहुंचे क्षेत्रीय भाजपा विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे को कंपनी ने कोई तवज्जोह नहीं दी। यहां लगाए गए आधारशिला पत्थर पर न तो भाजपा सांसद का नाम था औरत खुद विधायक का। इससे नाराज होकर वह तुरंत ही कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए।

विधायक ने भास्कर से चर्चा में कहा कि कोयला कंपनी ने जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। कोल इंडिया केंद्र सरकार का उपक्रम है। अगर उसके कार्यक्रम में केंद्र के प्रतिनिधि सांसद का ही नाम नहीं होगा, तो यह उपेक्षित व्यवहार ठीक नही है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने मुख्य कार्यक्रम का बहिष्कार किया है।

पुतला फूंकते भाजपा कार्यकर्ता।
पुतला फूंकते भाजपा कार्यकर्ता।

भाजपाइयों ने जलाया पुतला

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से नाराज भाजपाइयों ने इस दौरान पाथाखेड़ा स्थित महाप्रबंधक WCL कार्यालय के सामने महाप्रबंधक सोमेन्दू कुंडू का पुतला फूंक दिया। मंडल अध्यक्ष नागेंद्र निगम की अगुवाई में किये गए विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने कोयला कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष कमलेश सिंह के मुताबिक विरोध की वजह स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में न बुलाया जाना उनका अपमान है। अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रतिनिधियों के यह उपेक्षा से कार्यकर्ता आहत हैं। इसलिए पुतला दहन कर विरोध जताया गया है।

भीम सेना, आदिवासी संगठनों का विरोध

कार्यक्रम का भीमसेना और आदिवासी संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध किया। उन्होंने यहां लगाई जा रही मशीन से बेरोजगारी बढ़ने और वन संपदा को नुकसान होने की आशंका जताते हुए विरोध किया। संगठन के पंकज खातरकर की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने WCL रेस्ट हाउस के पास धरना दिया। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि मशीन चालू करने से पहले पांचवी अनुसूची के तहत ग्रामसभा से अनुमति ली जानी चाहिए।

आपको बता दें कि भास्कर ने सबसे पहले यह तथ्य सामने लाया था कि किस तरह स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम आमंत्रण और आधारशिला पत्थर पर न लिखकर अधिकारियों के नाम लिखे गए थे।

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