कोरोना कर्फ्यू में मां-बेटे की हत्या का खुलासा:जादू टोने के शक में पड़ोसी ने दामाद के साथ मिलकर बांस और डंडे से पीट-पीटकर की थी हत्या, 12 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

बैतूल6 महीने पहले
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बैतूल। हत्या के आरोपी मोतीराम धुर्वे व बसंत सलामे। - Dainik Bhaskar
बैतूल। हत्या के आरोपी मोतीराम धुर्वे व बसंत सलामे।

बैतूल. मप्र के बैतूल में कोरोना कर्फ्यू के बीच मां-बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। हत्या का मुख्य आरोपी मृतक का पड़ोसी है। जादू टोने की शंका में आरोपी मोतीराम ने धुर्वे ने अपने दामाद बसंत सलामे के साथ मिलकर पड़ोसन सुखिया बाई उइके(60) और बेटे नीलेश पिता लब्बू उइके (23) निवासी मरामझिरी की बुधवार-गुरुवार की रात करीब 12.30 बजे बांस व डंडे से पीट-पीटकर हत्या की। हत्या के बाद आरोपियों ने घटनास्थल से दो किमी दूर जंगल में डंडा व बांस छिपा दिया। घर आकर कपड़े बदलकर सो गए थे।

आरोपी मोतीराम धुर्वे ने बताया उसके घर में 12 साल में चार मौत हो चुकी है। पिछले गुरुवार 22 अप्रैल को मोतीराम के पिता छुट्टन की मौत हो चुकी। आरोपी मोतीराम को पड़ोसन सुखिया पर जादू-टोना करने की शंका हो गई। आरोपी ने दामाद बसंत सलामे के साथ मिलकर मृतिका की हत्या योजना बनाया। 29 अप्रैल बुधवार को मृतिका सुखिया बाई, बेटे नीलेश के साथ ग्राम कढ़ाई अपने रिश्तेदार राजू इवने के घर शादी में गए थे। वे रात में लौटेंगे, जिसकी आरोपियों को जानकारी थी, इसलिए आरोपी मोतीराम और दामाद बसंत ताक लगाकर मरामझिरी से 200 मीटर दूर रेलवे फाटक के पास तिराहे के मोड़ पर घात लगाकर बैठ गए। करीब 12.30 बजे जैसे की सुखिया बाई और अपने बेटे नीलेश के साथ बाइक से उस मोड़ पर पहुंची तो आरोपी मोतीराम व बसंत ने बांस व डंडे से सिर पर हमला कर उन्हें बाइक से फेंक दिया। इसके बाद बांस व डंडे से बेहरमी से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।

ऐसे पकड़ाएं आरोपी

गुरुवार सुबह सूचना मिलने के बाद एसपी सिमाला प्रसाद, एसडीओपी नितेश पटेल, कोतवाली टीआई संध्या रानी सक्सेना, चौकी प्रभारी विनोद शंकर यादव मौके पहुंचे। पंचनामा व शव को पोस्टमार्टम भेजने के बाद एसपी ने चौकी स्टाफ व कोतवाली थाना स्टाफ को मरामझिरी गांव भेज दिया। जहां करीब दो घंटे पुलिस ने परिवार, पड़ोसी व अन्य ग्रामीणों के अलग-अलग की। आरोपी पड़ोसी मोतीराम के चेहरे पर दिख रहा था व सही तरह से जवाब नहीं दे रहा था। पुलिस ने उसे थाने लेकर जाकर पूछताछ की। तब उसने दामाद बसंत के साथ मिलकर पड़ोस में रहने वाली सुखिया बाई व बेटे नीलेश की हत्या करना स्वीकारा। इसके बाद पुलिस ने जंगल में छिपाएं बांस, डंडे और घर में बदले कपड़े जब्त कर गिरफ्तार किया।

मरामझिरी के पास शव पड़े होने की सूचना पर एसपी टीम के साथ पहुंची।
मरामझिरी के पास शव पड़े होने की सूचना पर एसपी टीम के साथ पहुंची।

12 घंटे में पुलिस को मिली सफलता

डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सुलझाकर सफलता प्राप्त की। टीम को आरोपियों को पकड़ने में एसडीओपी नितेश पटेल, टीआई संध्या रानी सक्सेना, चौकी प्रभारी विनोद शंकर यादव, एएसआई दिलीप टाडेंकर, करणसिंह, प्रधानआरक्षक जगदीश, लालसिंह, नारायण, आकाश, मयूर, चम्पालाल, सुनील की भूमिका रही।

एसपी सिमाला प्रसाद ने बताया जादू टोने की शंका में मां बेटे की हत्या उन्हीं के पड़ोस में रहने वाले मोतीलाल और उसके दामाद ने डंडे और लाठियों से की। आरोपी मोतीराम को पड़ोसन सुखिया बाई पर जादू टोने का शंका थी। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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