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ख्याती बढ़ाने की तैयारी:मोर चिमनी कला को बढ़ावा देने प्रदेश के केंद्रों से जाेड़ेंगे

बैतूलएक महीने पहले
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बैतूल। धातु की कलाकृतियां देखते हुए कलेक्टर। - Dainik Bhaskar
बैतूल। धातु की कलाकृतियां देखते हुए कलेक्टर।
  • क्रॉफ्ट विलेज टिगरिया की मूर्तिकला का प्रदेश स्तर पर किया जाएगा प्रचार-प्रसार

जिले के एकमात्र क्रॉफ्ट विलेज टिगरिया की धातु शिल्पकला का पूरे प्रदेश में प्रचार-प्रसार करके पर्यटकों और शिल्प के पारखियों को बैतूल तक लाने के लिए काम शुरू किया है। यहां की मोर चिमनी कला देखने लोग आते हैं, लेकिन बैतूल के आसपास के जिलों में ही इसकी जानकारी नहीं है। इसके प्रचार- प्रसार के लिए प्रदेश के अन्य धातु शिल्प कला केंद्रों से इसे जोड़ा जाएगा। बैतूल के टिगरिया गांव में भरेवा समुदाय के लोग धातुओं की मूर्तियां बनाते हैं। मोर चिमनी कला तो 200 साल पुरानी है। यहां पर्यटन और धातु शिल्पकला को बढ़ावा देने कलेक्टर अमनवीर सिंह बैस शुक्रवार को टिगरिया की कला देखने पहुंचे। कलाकार बलदेव वाघमारे के निवास पर मूर्तियां देखीं।

कलाकारों ने उन्हें बताया कि एल्युमीनियम, तांबा, कांसा समेत अन्य धातुओं के पुराने बर्तनों को भट्टी में पिघलाकर इस लिक्विड से वे मूर्तियां बनाते हैं। विदेशों में भी मोर चिमनी कला को ख्याति दिलवा चुके बलदेव वाघमारे समेत अन्य कलाकारों ने कलेक्टर को मूर्तियां दिखाईं। पहले गांव में मिट्टी तेल भरकर जलाते थे चिमनी, आज कला: मोरचिमनी कला भरेवा समुदाय के लोगों की प्रसिद्ध कला है। पहले गांव के लोग इस मोर चिमनी में मिट्टी तेल भरकर जलाते थे। बिजली गांव में आ गई और अब यह केवल शोपीस के रूप में उपयोग की जाती है। भरेवा समुदाय के लोग अब केवल विवाह के समय उपहार के रूप में वधु को यह मोर चिमनी देते हैं। धातु शिल्पकला के स्टूडेंट्स और कलापारखी भी इस मोर चिमनी को खरीदने गांव में आते हैं।

वर्कशॉप बनाने की प्लानिंग
कलेक्टर अमनवीर सिंह बैस ने मूर्तिकारों से उनकी समस्याएं पूछी। मूर्तिकारों ने बताया यहां काम करने के दौरान कुछ परेशानियां आ रही है। वर्कशॉप यदि यहां बन जाए तो उपकरण आने व व्यवस्थित भट्टी बनने से अच्छी तरह काम कर सकेंगे। इसके बाद कलेक्टर ने गांव की जमीनों के बारे में जानकारी ली। यहां शासकीय जमीन पर वर्कशॉप संबंधी प्लानिंग करने की बात कही। कलाकार बलदेव वाघमारे ने बताया भरेवा समुदाय के सदस्यों को जीवन यापन करने के लिए शासन की ओर से मदद दी जानी चाहिए।

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