पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

चिंता:रूठा मानसून; डैम में 50 करोड़ लीटर पानी, शहर में गर्मी तक सप्लाई के लिए लगेगा 300 करोड़ लीटर

बैतूल2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रानीपुर डैम खाली होने से बना मैदान
  • पारसडोह और ताप्ती बैराज के बीच बन रहा है घोघरी डैम इसीलिए पारसडोह डैम का पानी भी नहीं मिल सकेगा इस बार
  • डेढ़ माह बीते लेकिन आधी भी नहीं हुई सामान्य औसत बारिश, इस साल केवल दो डैम ही 100% भरे

अगस्त शुरू हो गया लेकिन मानसून कमजोर है। सीजन के डेढ़ महीने बीत चुके हैं लेकिन जिले की सामान्य औसत बारिश से आधी भी नहीं हाे पाई है। वहीं जिले के 2 डैमाें काे छाेड़कर सभी खाली पड़े हैं। इधर, शहर में हर दिन 1 करोड़ लीटर पानी सप्लाई के लिए लगता है, अगले 10 महीनों में शहर में 300 करोड़ लीटर पानी सप्लाई के लिए लगेगा, लेकिन नगरपालिका के पास वर्तमान स्टोरेज लाखापुर डैम में केवल 50 करोड़ लीटर ही है। अब 250 करोड़ लीटर पानी स्टोर करने की जरूरत है, क्योंकि पारसडोह डैम और ताप्ती बैराज के बीच में घाेघरी डैम बन रहा है इस कारण इस रास्ते से पानी नपा के बैराज तक नहीं पहुंच पाएगा। इसलिए समस्या आएगी। इधर इसके विपरीत नपा ने ताप्ती बैराज के गेट बंद करने की सुध नहीं ली है। नपा के सब इंजीनियर नगेन्द्र वागद्रे ने बताया कि रोजाना 1 करोड़ लीटर पानी शहर में सप्लाई के लिए लगता है। 300 करोड़ लीटर पानी की व्यवस्था अगली गर्मी तक पड़ेगी। अभी ताप्ती बैराज से पानी का फ्लो जारी है, गेट खुले रखे हैं क्योंकि ताप्ती नदी में बहाव जारी है। 250 करोड़ लीटर पानी स्टोर रखने की प्लानिंग है।

रानीपुर डैम में पानी नहीं, बना घास का मैदान

900 करोड़ लीटर क्षमता वाला रानीपुर डैम पानी का लेवल जीरो होने से घास के मैदान में तब्दील हो गया है। पहली बार पानी का लेवल एकदम नीचे आने के कारण डैम का एरिया मैदान बन गया है, वहां केवल घास दिखाई दे रही है। लगभग 20 लाख वर्गफीट एरिया में घास की परत बिछी हुई है। दरअसल इस डैम का एक लोहे का गेट गर्मियों में खराब हो गया था, इस कारण पूरा पानी बह गया। सड़े गले लोहे के गेट को हटाकर अब नया गेट लगाया है।

गाेलई डैम में चर रहे मवेशी

गाेलई डैम
गाेलई डैम

घोडाडोंगरी ब्लॉक के गोलई डेम में इस बार जलस्तर एलएसएल से नीचे है। ब्लॉक में 3अगस्त तक 489.0 एमएम बारिश हो चुकी है। इस डैम से करीब 100 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलती है। ऐसे ही हालत रहे तो रबी सीजन में किसानों को पानी मिलना भी मुश्किल होगा। शाहपुर ब्लॉक में मोतीढाना, पहावाड़ी, बुड्ढी, बरेठा, पाठई, डुल्हारगढ आदि डेम में इस बार बहुत कम पानी है।

बड़े बांधों में भी नहीं है पानी
14 अरब लीटर क्षमता वाले सांपना डैम में इस बार केवल चार अरब लीटर पानी है। वहीं 59 अरब लीटर क्षमता वाले पारसडोह डैम में 48 अरब लीटर पानी है। 9 अरब लीटर क्षमता वाला रानीपुर डैम पूरा खाली पड़ा है। घास के मैदान में तब्दील हो गया है।

केवल दो बांध ही भर पाए हैं
इस साल मुलताई डिवीजन के केवल सेंद्रिया और महिलावाड़ी बांध ही 100% भरे है। बारिश यदि अच्छी होती है तभी बांधों में पर्याप्त पानी स्टोर हो सकेगा और हम किसानों को पर्याप्त पानी दे पाएंगे।
- जीपी सिलावट, ईई, जल संसाधन विभाग मुलताई डिविजन

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर आप कुछ समय से स्थान परिवर्तन की योजना बना रहे हैं या किसी प्रॉपर्टी से संबंधित कार्य करने से पहले उस पर दोबारा विचार विमर्श कर लें। आपको अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। संतान की तरफ से भी को...

और पढ़ें