परिवार में 4 माैत:दामाद के साथ मिलकर कर दी मां-बेटे की हत्या

बैतूल6 महीने पहले
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बैतूल। आरोपी पुलिस गिरफ्त में। - Dainik Bhaskar
बैतूल। आरोपी पुलिस गिरफ्त में।
  • 12 घंटे में खुलासा - कड़ाही गांव से मरामझिरी लौट रहे मां और बेटे के गांव से 100 मीटर दूर मिले शव

मरामझिरी गांव में बुधवार रात को आदिवासी मां और बेटे की अज्ञात आरोपियों ने सिर पर लट्ठ मारकर हत्या कर दी थी। गुरुवार सुबह 6 बजे पुलिस काे सूचना मिलने के 12 घंटे के भीतर शाम 6 बजे तक हत्या का खुलासा कर दिया।

हत्या गांव के किराना दुकान संचालक मोतीलाल पिता छगन धुर्वे (55) ने अपने दामाद बसंत पिता रंगलाल सलाम (28) निवासी चोरपांडरा के साथ मिलकर की थी। मोतीलाल को सुखिया बाई पर जादू टोने करने का शक था।

क्याेंकि 12 साल में उसके परिवार के 4 सदस्यों की माैत हाे गई थी। उसके पिता का निधन एक सप्ताह पहले हाेने पर उसका शक यकीन में बदल गया और उसने दामाद के साथ मिलकर हत्या कर दी। मरामझिरी निवासी नीलेश पिता गब्बू उइके (22), मां सुखिया पति गब्बू उइके (52) को बाइक से कड़ाही गांव रिश्तेदार के घर लेकर गया था। वहां से दाेनाें बुधवार रात को गांव से लौट रहे थे। मरामझिरी रेलवे क्रॉसिंग के बाद सड़क किनारे दोनों की रात 10 से 12 बजे के बीच हत्या कर दी।

गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क के किनारे दोनों के शव देखकर परिजन और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एसपी सिमाला प्रसाद, एसडीओपी नितेश पटेल, कोतवाली टीआई संध्या रानी सक्सेना सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दोनों के सिर पर वार करके हत्या कर की गई थी।

गांव के 100 मीटर के पास ही घटना हाेने पर पुलिस काे पहला संदेह गांव के लाेगाें पर ही था। एसडीओपी ने बताया ग्रामीणों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि गांव में किराना दुकान चलाने वाले मोतीलाल पिता छगन धुर्वे से मृतक के परिवार से नहीं बनती थी। पुलिस ने मोतीलाल से कड़ाई से पूछताछ कि तो उसने दामाद बसंत सलाम के साथ मिलकर दोनों की हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

यह बना हत्या का कारण

मां, भाई, नाना और पिता की माैत पर महिला के द्वारा जादू करने का था शक, इसलिए दुकानदार ने दामाद के साथ मिलकर की हत्या

आरोपी मोतीलाल के परिवार में 2009 से लेकर 2010 तक मां, बड़े भाई और नाना की मौत हो चुकी थी। उसे मृतका सुखिया बाई पर जादू टोने करने का संदेह था। एक सप्ताह पहले जब आराेपी मोतीलाल के पिता का बीमारी के कारण निधन हो गया तो उसे पक्का शक हो गया कि सुखिया बाई ने ही जादू-टोना किया है।

इसी बात पर उसने दामाद बसंत के साथ मिलकर सुखिया बाई की हत्या करने की योजना बनाई। दाेनाें मरामझिरी रेलवे क्रॉसिंग के पास घात लगाकर बैठे रहे, जब दोनों मां और बेटे बाइक से आए तो पहले बाइक रुकवाई और अचानक दोनों के सिर पर लट्ठ से वार करके हत्या कर दी।

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