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ध्वनि प्रदूषण:साउंउ मीटर मिला, हाॅर्न की आवाज तेज हाेने पर लगेगा जुर्माना

बैतूल9 महीने पहले
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  • यातायात विभाग करेगा कार्रवाई, शहर में की जाएगी जांच, डीजे वालों के तेज साउंट पर भी कसी जाएगी लगाम

शहर में अब तेज शोर हाेने पर कार्रवाई हाेगी। मुख्यालय से बैतूल यातायात विभाग को साउंड मीटर भिजवाया गया है। इससे वाहनों के साइलेंसर, हार्न, डीजे का शोर नापा जाएगा। 80 डेसीबल से अधिक शोर पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल, नर्सिंग होम्स, स्कूलों के आसपास भी शोर कम होने के आसार दिख रहे हैं। विभाग अपने स्टाफ को संचालन का प्रशिक्षण दे रहा है। अब तक ध्वनि को नापने का कोई उपकरण विभाग के पास नहीं था। लोग आवाज तेज नहीं होने का कह कहर बच जाते थे।

80 डेसीबल से अधिक ध्वनि पर कानाें काे हाेती है क्षति
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार सोते समय आस-पास के वातावरण में 35 डेसीबल से ज्यादा शोर नहीं होना चाहिए और दिन का शोर भी 45 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए। लगातार तेज शोर में रहना मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। 80 डेसीबल से अधिक का शोर कानों को स्थायी रूप से क्षति पहुंचा सकता है।

वाहन, तेज हार्न और तेज डीजे पर रहेगी नजर
जाे वाहन बेहद तेज आवाज करते हुए चलाए जाते हैं उनका ध्वनि का लेवल अब नापा जाएगा। बिना साइलैंसर वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन पर भी कार्रवाई होगी।

अब तक बोर्ड लगाकर होता था ध्वनि पर नियंत्रण
अब तक केवल अस्पताल, स्कूल, कलेक्टोरेट और अन्य संवेदनशील जगहों पर प्रेशर हार्न प्रतिबंधित जैसे बोर्ड लगाकर शोर को कम करने का प्रयास किया जाता था। कोई असर वाहन चालकों पर नहीं होता।

यह भी जानिए : किस ध्वनि से कितना शोर होता है सांस लेने में 10 डेसीबल का शोर पत्तियों की सरसराहट में 10 डेसीबल बातचीत की फुसफुसाहट में 20 से 30 डेसीबल सामान्य बातचीत में 55-60 डेसीबल तेज बारिश में 55 से 60 डेसीबल ट्रेन की सीटी 110 डेसीबल

80 डेसीबल से ज्यादा आवाज पर होगी कार्रवाई ^हाल ही में यातायात विभाग के पास साउंड लेवल मीटर आया है। इस मीटर से साउंड नापा जा सकेगा। तेज आवाज करते हुए वाहनों, तेज हार्न बजाते वाहनों पर इस मीटर से साउंड की जांच करके कार्रवाई की जाएगी। 80 डेसीबल से अधिक साउंड पाए जाने पर जुर्माना अाैर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस साउंड लेवल मीटर के संचालन के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। गजेंद्र केन, सूबेदार, यातायात विभाग

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