अनदेखी से मौत:चिचोली में झोलाछाप ने लगाया इंजेक्शन, 2 उल्टी व घबराहट के बाद बच्चे की मौत

बैतूल5 महीने पहले
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चिचाेली। छह साल का बालक सचिन की इंजेक्शन लगने के बाद माैत हाे गई। - Dainik Bhaskar
चिचाेली। छह साल का बालक सचिन की इंजेक्शन लगने के बाद माैत हाे गई।
  • 5 माह पहले क्लीनिक कराई थी सील, सरकारी अस्पताल के सामने घर से कर रहा था इलाज

चिचोली में झोलाछाप आशीष साेनी के द्वारा इलाज कर इंजेक्शन लगाने से दूधिया गांव के छह साल के मासूम की शनिवार काे माैत हाे गई। दाे दिन से बच्चे के पिता सर्दी- खांसी का झोलाछाप के घर पर इलाज करा रहे थे। आराम नहीं मिलने पर शनिवार दोपहर दिखाने पहुंचे थे। इस दाैरान सोनी ने बच्चे काे एक इंजेक्शन लगाया इसके 10 से 15 मिनट बाद बच्चे काे उल्टी और घबराहट हाेने लगी और उसकी माैत हाे गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव पीएम के लिए भेज दिया। दूधिया गांव के सुनील मर्सकोले के छह साल के बेटे सचिन काे सर्दी- खांसी हाे रही थी। तीन दिन से इसका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र चिचोली के सामने स्थित क्लीनिक संचालक आशीष साेनी कर रहा था। क्लीनिक सील होने पर वह घर पर इलाज कर रहा था। आराम नहीं मिलने पर परिजन शनिवार काे दोपहर में सचिन को लेकर पहुंचे। दोपहर 1.30 बजे के करीब आशीष साेनी ने सचिन को काेई इंजेक्शन लगाया इसके बाद दो उल्टी और घबराहट हुई, कुछ देर बाद माैत हाे गई। इसके बाद लोगों ने हंगामा किया। पालक बच्चे काे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर ड्यूटी डाॅ. चौधरी ने बच्चे काे देखकर मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर व परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस काे दी। चिचोली पुलिस ने माैके पर पहुंचकर बच्चे के शव काे पीएम कराने भेजा। पालकों और स्थानीय लाेगाें ने आशीष साेनी पर गलत इलाज का आरोप लगाया।

25 मार्च को क्लीनिक सील कर कराई थी एफआईआर
चिचाेली निवासी आशीष साेनी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने क्लीनिक था। सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने बताया कि 25 मार्च 2021 काे डिग्री काे लेकर जांच कर क्लीनिक सील कराकर इसकी एफआईआर बीएमओ से कराई थी। इसके बाद भी आशीष घर से इलाज कर रहा था। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि आशीष की मां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स है। इसलिए मरीज वहां से इलाज कराने भेजे जाते हैं। सब बीएमओ की मिली भगत से हो रहा था। लोगों ने कहा कि ऐसा संभव है कि अस्पताल सामने घर से आशीष इलाज करता रहे और अधिकारियों को इसकी भनक तक न लगे जबकि गांव के लोग वहां इलाज कराने आ रहे हैं।

बाइक पर बैठकर आया था बालक
प्रत्यक्षदर्शियाें ने बताया कि आशीष सोनी के घर बालक इलाज कराने के लिए बाइक पर पीछे बैठ कर आया था। नॉर्मल सर्दी-खासी जुकाम था। इंजेक्शन लगाने के 10 से 15 मिनट के बाद ही उल्टी हाेने से बच्चे की माैत हाे गई। सूचना मिलने पर आदिवासी संगठन के डाेमा सिंह कुमरे माैके पर पहंुचे। उन्होंने कहा कि इलाज करने वाले के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। आदिवासी समाज में बहुत ज्यादा आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता ने भी इलाज करने वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पुलिस से की।

झोलाछाप ने मोबाइल बंद किया बंद : आशीष साेनी ने घटना हाेने के बाद मोबाइल बंद कर लिया है। उनसे संपर्क करने फाेन लगाया गया, लेकिन उनका नंबर बंद आ रहा था।

इलाज करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करेंगे
दूधिया गांव के सुनील मर्सकोले अपने बेटे सचिन का दाे-तीन दिन से किसी डॉक्टर से इलाज करवा रहे थे। आराम नहीं मिलने पर आज लेकर आए थे। काेई इंजेक्शन देने से इलाज के दाैरान बच्चे की माैत हाे गई। पालक की शिकायत पर बच्चे के शव का पीएम कराया है। बिसरा रिपोर्ट और मेडिकल बाेर्ड के ओपिनियन के आधार इलाज करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- अजय साेनी, टीआई, चिचाेली

पूर्व में सोनी पर कराई थी एफआईआर, कोर्ट में केस
पांच माह पहले साेनी द्वारा बिना डिग्री के संचालित क्लीनिक को सील करवाया था। इसकी एफआईआर भी की। इस मामले में न्यायालय में केस चल रहा है। साेनी दूसरी जगह पर इलाज करना शुरू कर दिया था। शनिवार काे एक बच्चे की गलत इलाज से डेथ हाेने के मामले में पुलिस विभाग की तरफ से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की तरफ से काेई जानकारी मांगी जाती है, ताे जांच में सहयोग किया जाएगा।- डाॅ. एके तिवारी, सीएमएचओ, बैतूल

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