बैतूल में बैलून हॉस्पिटल बना:दस दिन में तैयार हुआ अस्पताल, ऑक्सीजन, आईसीयू की सुविधा; 50 मरीजों को भर्ती करने की क्षमता

बैतूल9 दिन पहले
50 बिस्तरों का बैलून हॉस्पिटल।

बैतूल में सिर्फ दस दिन में ऐसा फोल्डेबल हॉस्पिटल बनकर तैयार हुआ है, जो जरूरत के हिसाब से सिर्फ तीन घंटे में दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकेगा। थ्री स्टार हॉस्पिटल की फैसिलिटी वाले इस अस्पताल को दिल्ली की कंपनी पीटी मेडिकल ने अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन की मदद से तैयार किया है। बैलून हॉस्पिटल में तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए आईसीयू, ऑक्सीजन बेड के अलावा 50 मरीजों को भी भर्ती करने की व्यवस्था है। इस नए अस्पताल के बनने के बाद से बैतूल के जिला अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज की क्षमता अब डेढ़ सौ बेड हो गई है।

सिर्फ दस दिन में हॉस्पिटल
विशेष मटेरियल से तैयार यह हॉस्पिटल इंफ्लेटेबल टेंट में संचालित हो रहा है। अस्पताल में 24 घंटे वातानुकूलित वातावरण बनाए रखा गया है। पानी और अग्निरोधी सामग्री से तैयार यह हॉस्पिटल इंफ्लेटेबल टेंट है, जो बैलून में हवा भरकर तैयार किया जाता है।

बैलून अस्पताल को खड़ा करने के लिए एयर कम्प्रेशर मोटर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। कम्प्रेसर से गर्म हवा बैलून टेंट में भेजी जाती है, और हवा से तीन घंटे में अस्पताल खड़ा हो जाता है। अस्पताल को और सुरक्षित बनाने छत पर लोहे के ब्रेकेट लगाए गए हैं। 120 फुट लंबाई और 80 फुट चौड़ाई के इस टेंट में अंदर एसीपी सीट्स के जरिए पार्टिशन व अन्य सजावट की गई है। साथ ही इसी सामग्री से इसका फ्लोर भी तैयार किया गया है। यह टेंट पूरी तरह आग, हवा, पानी रोधी मटेरियल से बना है। बैलून हॉस्पिटल तेज आंधी के झोंके को भी सह सकता है।

यह हैं अस्पताल में सुविधाएं
इस हॉस्पिटल में 8 आईसीयू बेड, 15 ऑक्सीजन बेड, और 27 सामान्य बेड उपलब्ध हैं। निर्माण कंपनी ने ऑक्सीजन पाइप लाइन का सपोर्ट तैयार कर बैड, स्टैंड समेत मरीजों को मिलने वाली अन्य सुविधा तैयार की है। हॉस्पिटल में रिसेप्शन एरिया, डॉक्टर लांज, एक्जामिनेशन हाल, डॉक्टर, नर्स और मरीजों के लिए शौचालय, मरीजों को भर्ती करने के अलावा अस्पताल में ऑक्सीजन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने में यह अस्पताल बैतूल जैसे आदिवासी जिले में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

साइट इंचार्ज रूपेश चौरासे के मुताबिक अस्पताल को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए इसके बाहरी आवरण के बाहर टीन की चादरों का घेरा बनाया गया है। जबकि अंदर एसीपी सीट्स की सजावट की गई है। जो स्ट्रक्चर को और मजबूत बनाते हैं। मरीजों और अस्पताल की सुरक्षा के लिए 24 घंटे गार्ड्स भी तैनात किए जाएंगे।

क्षमता में वृद्धि होगी

सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा ने बताया कि अस्पताल के लिए जल्द ही स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। यहां फिलहाल संदिग्ध मरीजों की ही भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके आने के बाद से कोरोना के मरीजों को भर्ती करने की क्षमता में वृद्धि हो जाएगी।

खबरें और भी हैं...